जोधपुर: वकील से धक्का-मुक्की के बाद SHO सस्पेंड, हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग का आदेश दिया

जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में वकील भारत सिंह राठौर से धक्का-मुक्की करने वाले SHO हमीर सिंह को राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सस्पेंड कर दिया गया। कोर्ट ने वीडियो दिखाकर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश भट्ट और अन्य अधिकारियों को फटकार लगाई तथा सभी पुलिसकर्मियों को पब्लिक से सही व्यवहार करने के लिए सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया। घटना के बाद वकीलों ने थाने के बाहर धरना दिया और न्याय की मांग की, जिससे मामला गरमा गया। कोर्ट ने दुर्व्यवहार को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की।

Dec 2, 2025 - 13:39
जोधपुर: वकील से धक्का-मुक्की के बाद SHO सस्पेंड, हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग का आदेश दिया

जोधपुर, 2 दिसंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में पुलिसकर्मियों द्वारा एक वकील के साथ दुर्व्यवहार का मामला सुर्खियों में आ गया है। कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) हमीर सिंह पर वकील भारत सिंह राठौर के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने तुरंत संज्ञान लिया और मंगलवार सुबह संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब कर लिया। कोर्ट ने न केवल SHO को सस्पेंड करने का आदेश दिया, बल्कि सभी पुलिसकर्मियों को जनता के साथ सही व्यवहार करने के लिए सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग अनिवार्य करने का निर्देश भी जारी किया।

घटना का पूरा विवरण यह घटना जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में घटी, जो शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है। वकील भारत सिंह राठौर थाने पहुंचे थे, जहां उन्हें किसी कानूनी मामले के सिलसिले में सहयोग की उम्मीद थी। लेकिन, बातचीत के दौरान SHO हमीर सिंह के साथ तीखी बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि SHO ने वकील के साथ धक्का-मुक्की कर दी और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वकील को थाने के बाहर धकेला जा रहा है, जबकि वह विरोध जता रहे हैं।वकील राठौर ने बताया कि वह एक सामान्य शिकायत दर्ज कराने थाने आए थे, लेकिन SHO ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। "मैंने सिर्फ अपना काम करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने मुझे अपमानित किया। यह न केवल मेरे साथ, बल्कि पूरे वकालत जगत के लिए अपमानजनक है," राठौर ने कहा। घटना के बाद वकील समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। थाने के बाहर सैकड़ों वकील इकट्ठा हो गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे न्याय की मांग कर रहे थे और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गुहार लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा, और मामला राजनीतिक रंग लेने लगा।

हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और कार्रवाई वीडियो वायरल होते ही राजस्थान हाईकोर्ट में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। हाईकोर्ट ने सोमवार को ही मामले का संज्ञान ले लिया और मंगलवार सुबह पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश भाकरी, पुलिस उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) विनीत बंसल तथा ACP (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस) थाना प्रभारी को तलब किया। तीनों अधिकारी सुबह-सुबह कोर्ट पहुंचे, जहां कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की बेंच ने सुनवाई की।कोर्ट रूम में वकील के साथ हुए दुर्व्यवहार का वीडियो चलाया गया, जिसे देखकर जज संजीव प्रकाश शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश को फटकार लगाते हुए कहा, "यह क्या व्यवहार है? पुलिस जनता की सेवा के लिए है, न कि दुर्व्यवहार करने के लिए। एक वकील के साथ ऐसा सलूक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" कोर्ट ने तुरंत SHO हमीर सिंह को सस्पेंड करने का आदेश दिया और विभागीय जांच के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस उपायुक्त विनीत बंसल को पूरे मामले की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर पेश करने को कहा गया।

सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण आदेश कोर्ट ने इस घटना को एक सबक मानते हुए एक बड़ा कदम उठाया। जज संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा, "पुलिसकर्मियों को केवल कानून की ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि पब्लिक के साथ कैसे पेश आना है, इसकी भी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। सॉफ्ट स्किल्स जैसे संवाद कौशल, व्यवहारिक शिष्टाचार और तनाव प्रबंधन पर फोकस किया जाए।" कोर्ट ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि सभी पुलिसकर्मियों, खासकर थाना स्तर के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी जाए। यह ट्रेनिंग मॉड्यूल में शामिल होगा: जनता से संवाद कैसे करें, शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनना, विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना, और मानवाधिकारों का सम्मान।

पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम इस घटना से सबक लेंगे और पुलिस की छवि सुधारने के लिए कदम उठाएंगे।"जनता और वकील समुदाय की प्रतिक्रियाघटना के बाद जोधपुर में वकीलों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। जिला बार एसोसिएशन ने एक आपात बैठक बुलाई और थाने का घेराव करने का फैसला किया। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर के साथ नारे लगाए, जैसे "पुलिस सुधार, न्याय सुनिश्चित"। कई वकीलों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर पुलिस के रवैये की निंदा की। एक वकील ने कहा, "यह पहली घटना नहीं है। पुलिस को लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं। कोर्ट का यह फैसला स्वागतयोग्य है।"दूसरी ओर, आम जनता में भी असंतोष फैल गया। सोशल मीडिया पर #JusticeForLawyer और #PoliceReform जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने अपनी पुरानी घटनाओं को साझा किया, जहां पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। राजनीतिक दलों ने भी बयान जारी किए। कांग्रेस ने इसे "राज्य सरकार की विफलता" बताया, जबकि बीजेपी ने कहा कि "अपराधी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।"

पृष्ठभूमि और व्यापक प्रभाव यह घटना राजस्थान पुलिस के लिए एक झटका है, जो पहले भी जनता के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों से जूझ रही है। राज्य में पिछले एक साल में ऐसी कम से कम 5 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जहां पुलिसकर्मियों पर वकीलों या आम नागरिकों के साथ मारपीट के आरोप लगे। हाईकोर्ट का यह आदेश न केवल जोधपुर तक सीमित रहेगा, बल्कि पूरे राजस्थान में लागू होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग से पुलिस-जनता के बीच दूरी कम होगी और विश्वास बढ़ेगा।पुलिस विभाग ने जांच के दौरान वकील राठौर को सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया है। फिलहाल, SHO हमीर सिंह सस्पेंड हैं और विभागीय पूछताछ का सामना कर रहे हैं। यह मामला पुलिस सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.