जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र से पकड़ा गया संदिग्ध युवक: यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में भड़काऊ मैसेज शेयर करने का मामला, कश्मीर के लोग भी जुड़े थे
जैसलमेर के भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे भारेवाला क्षेत्र से 29 वर्षीय एक युवक को टेलीग्राम ग्रुप में भड़काऊ और देश-विरोधी मैसेज शेयर करने के संदेह में हिरासत में लिया गया। यूपी पुलिस के इनपुट पर की गई कार्रवाई में कश्मीर के भी युवक जुड़े पाए गए। युवक बीकानेर का मूल निवासी है जो पिछले 12 साल से वहाँ खेती कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
जैसलमेर, 27 मार्च 2026: राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट संवेदनशील भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक 29 वर्षीय युवक को संदिग्ध गतिविधियों के शक में हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के इनपुट पर की गई, जिसमें एक संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े भड़काऊ और देश-विरोधी मैसेज शेयर करने का मामला सामने आया है। ग्रुप में कश्मीर और अन्य राज्यों के युवक भी जुड़े बताए जा रहे हैं।
घटना का विवरण
नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला गांव में रहने वाले इस युवक को उसके घर से ही तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया। सूत्रों के मुताबिक, यूपी पुलिस को एक संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप की जानकारी मिली थी, जिसमें भड़काऊ मैसेज शेयर किए जा रहे थे। इस ग्रुप में भारेवाला निवासी युवक का मोबाइल नंबर भी जुड़ा पाया गया। ग्रुप में संदिग्ध और देश-विरोधी गतिविधियों की आशंका जताई गई थी।
यूपी पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो कश्मीरी युवक शामिल हैं। राजस्थान के इस युवक के अलावा कश्मीर और राजस्थान के कुछ अन्य युवकों के नाम भी इनपुट में आए थे, जिसके बाद राजस्थान पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया था।
युवक की पृष्ठभूमि
हिरासत में लिया गया युवक मूल रूप से बीकानेर जिले के लूणकरणसर का निवासी है। वह पिछले 10 से 12 वर्षों से जैसलमेर के भारेवाला क्षेत्र में खेती का काम कर रहा था। वह केवल 10वीं पास बताया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र में खेती करने वाले इस युवक की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर पहले से थी।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक जांच में युवक के मोबाइल फोन से कोई खास जानकारी नहीं मिली। पुलिस को शक है कि युवक ने महत्वपूर्ण डेटा डिलीट कर दिया होगा। इसी वजह से अब गहन जांच चल रही है। शुक्रवार को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां युवक से संयुक्त पूछताछ करेंगी, जिसमें निम्नलिखित पहलुओं पर फोकस रहेगा: मोबाइल डेटा और डिलीटेड जानकारी की रिकवरी,बैंक ट्रांजेक्शन और आर्थिक लेन-देन,संपर्क सूची और अन्य लोगों से जुड़ाव,पूरे टेलीग्राम ग्रुप नेटवर्क की मैपिंग, ग्रुप में शेयर किए जा रहे मैसेज भड़काऊ थे और देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता
इस घटना के बाद जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारेवाला क्षेत्र संवेदनशील होने के कारण पुलिस और भारत-सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को अतिरिक्त अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके।यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए फैल रही संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए कई राज्यों में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।