जयपुर में विधवा भाभी की क्रूर हत्या: सास के शादी प्रस्ताव से शुरू हुआ एकतरफा प्यार, मना करने पर देवर ने चाकू से गोदकर की हत्या
जयपुर के शास्त्री नगर में विधवा पूनम कटारिया (30 वर्ष) की उनके देवर अनिल ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पांच साल पहले पति की मौत के बाद सास ने अनिल से पूनम की शादी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन पूनम ने मना कर दिया। अनिल ने एकतरफा प्यार और जिद में लगातार दबाव बनाया, फोन पर परेशान किया और पहले भी जानलेवा हमला किया था। परिवार ने साल भर पहले अनिल को घर में एंट्री रोक दी थी। गुरुवार शाम काम से लौटते समय अनिल ने घर के पास ताबड़तोड़ चाकू मारकर हत्या की। पूनम दो छोटे बेटों (13 और 8 वर्ष) की मां थीं और घरों में काम करके उनका पालन-पोषण कर रही थीं। पुलिस ने अनिल को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।
जयपुर, 23 जनवरी 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां गुरुवार शाम एक विधवा महिला पूनम कटारिया (लगभग 30 वर्ष) की उसके देवर अनिल ने क्रूरता से हत्या कर दी। हत्या का मुख्य कारण एकतरफा प्रेम और शादी का दबाव था, जो पांच साल पहले पूनम के पति की मौत के बाद शुरू हुआ था।
पृष्ठभूमि और परिवार की स्थिति
पूनम कटारिया नेहरू नगर की प्रेम बस्ती (प्रेम कॉलोनी) में अपने ससुराल में दो छोटे बेटों - विराट (13 वर्ष) और हिमांशु (8 वर्ष) - के साथ रह रही थीं। पांच साल पहले उनके पति लक्की कटारिया की मौत हो गई थी। इसके बाद पूनम ने बच्चों के पालन-पोषण के लिए घर-घर जाकर काम करना शुरू किया। वह घरों में खाना बनातीं, साफ-सफाई करतीं और परिवार का गुजारा चलाती थीं।घर में पूनम की सास, जेठानी सुमन, देवरानी कोमल, एक बहन ललिता (जो भी इसी घर में शादीशुदा थीं) और अन्य परिजन रहते थे। परिवार ने बताया कि पूनम की जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण थी, लेकिन वह मजबूती से बच्चों को पाल रही थीं।
सास का शादी प्रस्ताव और अनिल की जिद
पति की मौत के बाद परिवार की चिंता थी कि पूनम अकेले दो बच्चों को कैसे पालेंगी। सास ने देवर अनिल से पूनम की शादी का प्रस्ताव रखा, ताकि भाई के बच्चों की जिम्मेदारी अनिल पर आ जाए और घर में सब ठीक रहे। शुरुआत में परिवार के अन्य सदस्य भी इस बात से सहमत थे।
लेकिन पूनम ने इस प्रस्ताव को साफ मना कर दिया। उन्होंने सास से कहा, "जब मेरे नसीब में एक साथी नहीं टिका, तो दूसरे का क्या करना? मुझे शादी ही नहीं करनी।" पूनम की यह साफ मना करने की बात ने अनिल के मन में एकतरफा प्यार और जिद पैदा कर दी। अनिल ने ठान लिया कि वह पूनम से ही शादी करेगा।
अनिल का व्यवहार और परिवार की सतर्कता
परिवार के अनुसार, अनिल शराब का आदी था। बचपन से ही वह शराब पीता था। पति की मौत के बाद वह कई बार शराब पीकर घर आता, झगड़ा करता और परेशान करता। साल भर पहले परिवार ने अनिल को घर में एंट्री देने से मना कर दिया था। जेठानी सुमन ने खुद अनिल को घर आने से रोका था, क्योंकि वह पूनम को लगातार परेशान कर रहा था।
अनिल फोन पर भी पूनम को परेशान करता था और शादी के लिए दबाव बनाता रहता था। परिवार ने बताया कि अनिल का गलत आचरण इतना खराब था कि कोई उसे पसंद नहीं करता था। अनिल की मां ने उसे बचपन में छोड़ दिया था, और सास ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था।
पहले भी जानलेवा हमला
परिजनों का दावा है कि अनिल ने पहले भी पूनम पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन उस समय पूनम किसी तरह बच गई थीं। पुलिस ने उस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की, जिससे अनिल के हौसले बुलंद हो गए।
हत्या की घटना
गुरुवार शाम पूनम काम से लौट रही थीं। घर से करीब 200 मीटर पहले अनिल ने उनका सामना किया। अनिल ने चाकू से पूनम की छाती पर ताबड़तोड़ वार किए और मौके पर ही उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद अनिल फरार हो गया, लेकिन शास्त्री नगर पुलिस ने उसे जल्द ही हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें पहले हुए हमले पर क्या कार्रवाई हुई, यह भी देखा जा रहा है।
परिवार का दर्द
पूनम की बहन ललिता, देवरानी कोमल और जेठानी सुमन ने बताया कि अनिल पर एकतरफा प्यार का भूत सवार था। दो दिन पहले भी अनिल इलाके में दिखा था और पूनम को डर लग रहा था। अब दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। परिवार सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है।