डलास में वॉशिंग मशीन विवाद में भारतीय नागरिक की हत्या; पत्नी‑बेटे के सामने गर्दन से सिर अलग
डलास में भारतीय मूल के चंद्रमौली नागमल्लैया की सहकर्मी ने मामूली विवाद के बाद माचेटे से निर्मम हत्या कर दी, जिसके बाद भारत सरकार ने शोक व्यक्त कर परिवार को सहायता का आश्वासन दिया। आरोपी को डलास पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
अमेरिका के टेक्सास राज्य के डलास शहर में 10 सितंबर 2025 को एक ऐसी घटना घटी, जिसने भारतीय सहित पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया। 50 वर्षीय भारतीय मूल के चंद्रमौली नागमल्लैया, जिन्हें उनके दोस्त और सहकर्मी प्यार से 'बॉब' कहते थे, की उनके ही सहकर्मी ने डाउनटाउन सूट्स मोटल में मामूली विवाद के बाद माचेटे (कुल्हाड़ी जैसा धारदार हथियार) से बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात में आरोपी ने नागमल्लैया का सिर धड़ से अलग कर दिया, और यह सब उनकी पत्नी और 18 वर्षीय बेटे की आंखों के सामने हुआ। डलास पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
चंद्रमौली नागमल्लैया कर्नाटक से अमेरिका तक का सफर
चंद्रमौली नागमल्लैया मूल रूप से भारत के कर्नाटक राज्य के रहने वाले थे। कई वर्षों से अमेरिका में रह रहे नागमल्लैया डलास के डाउनटाउन सूट्स मोटल में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। यह मोटल सैमुअल बुलेवार्ड पर, डलास के पूर्वी हिस्से में इंटरस्टेट-30 और टेनिसन गोल्फ कोर्स के पास स्थित है। अपने दोस्तों और सहकर्मियों के बीच 'बॉब' के नाम से मशहूर, नागमल्लैया एक मेहनती, दयालु और समर्पित व्यक्ति थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और 18 वर्षीय बेटा शामिल हैं, जो इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे। भारतीय-अमेरिका में उनकी मृत्यु ने गहरा आघात पहुंचाया है, और उनके परिवार की सहायता के लिए एक फंडरेजर अभियान भी शुरू किया गया है।
एक मामूली विवाद बना खूनी वारदात
पुलिस जांच के अनुसार, यह घटना डाउनटाउन सूट्स मोटल में एक मामूली विवाद से शुरू हुई। नागमल्लैया ने अपने सहकर्मी, 37 वर्षीय योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज, और उनकी एक महिला सहयोगी को मोटल की खराब वॉशिंग मशीन का उपयोग न करने की सलाह दी थी। नागमल्लैया ने यह बात सीधे मार्टिनेज से न कहकर उनकी महिला सहयोगी के माध्यम से अनुवाद करवाई, जिसे मार्टिनेज ने अपमान के रूप में लिया। गुस्से में आकर मार्टिनेज ने अपने पास मौजूद माचेटे से नागमल्लैया पर हमला कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, नागमल्लैया ने बचने की कोशिश में मोटल के कार्यालय की ओर भागने की कोशिश की, जहां उनकी पत्नी और बेटा मौजूद थे। लेकिन मार्टिनेज ने उनका पीछा किया और पार्किंग लॉट में उन पर लगातार हमले किए। इस दौरान नागमल्लैया की पत्नी और बेटे ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन मार्टिनेज ने उन्हें धक्का देकर अलग कर दिया और नागमल्लैया का सिर काट दिया। फुटेज में यह भी देखा गया कि मार्टिनेज ने बाद में पीड़ित के सिर को लात मारकर पास के डंपस्टर में फेंक दिया।
आरोपी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज: आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी
डलास पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। 37 वर्षीय मार्टिनेज पर 'कैपिटल मर्डर' का आरोप लगाया गया है, जो टेक्सास में सबसे गंभीर आपराधिक आरोपों में से एक है। दोषी साबित होने पर उसे उम्रकैद बिना पैरोल या मृत्युदंड की सजा हो सकती है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मार्टिनेज का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें ह्यूस्टन में ऑटो चोरी और हमले जैसे मामले शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने मार्टिनेज के खिलाफ एक इमिग्रेशन डिटेनर जारी किया है, जिसका मतलब है कि वह अवैध प्रवासी हो सकता है। इस डिटेनर के तहत, उसे जमानत मिलने की स्थिति में भी ICE की हिरासत में लिया जाएगा। डलास पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है।
भारत सरकार और दूतावास की प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना पर भारत सरकार ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्यिक दूतावास ने 11 सितंबर 2025 को एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया:
"ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्यिक दूतावास चंद्रा नागमल्लैया की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करता है, जो डलास, टेक्सास में अपने कार्यस्थल पर निर्ममता से मारे गए भारतीय नागरिक थे। हम परिवार के संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। आरोपी डलास पुलिस की हिरासत में है। हम मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।"
दूतावास ने पीड़ित परिवार को कानूनी, लॉजिस्टिकल और अन्य सहायता प्रदान करने का वचन दिया है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय में इस घटना ने नस्लीय हिंसा और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, हालांकि डलास पुलिस ने इसे व्यक्तिगत विवाद से जोड़ा है, न कि नस्लीय हमले से। दूतावास ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह इस मामले की प्रगति पर नजर रखेगा और परिवार को पूर्ण समर्थन प्रदान करेगा।