भारत ने पहली बार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आधिकारिक शोक जताया

2026 ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के छठे दिन भारत ने पहली बार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आधिकारिक शोक जताया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर किए। इसी बीच अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका तट से 75 किमी दूर भारतीय महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिसमें 87 शव बरामद हुए, 32 बचाए गए और दर्जनों लापता हैं। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी नौसेना द्वारा टॉरपीडो से पहला युद्धकालीन जहाज डुबोने का मामला है।

Mar 5, 2026 - 16:33
भारत ने पहली बार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आधिकारिक शोक जताया

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे तनावपूर्ण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर संवेदना व्यक्त की है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल द्वारा संयुक्त हवाई हमलों में हुई थी, जिसकी पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने की। 86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और उन्होंने देश को क्षेत्रीय शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, साथ ही अमेरिका और इजराइल के प्रति कट्टर विरोध की नीति अपनाई।भारत की ओर से यह पहली आधिकारिक श्रद्धांजलि है, जो ईरानी दूतावास में व्यक्त की गई। दुनिया भर से कई नेताओं और देशों ने खामेनेई के निधन पर शोक संदेश भेजे हैं, जबकि ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिका ने डुबोया

युद्ध के छठे दिन (5 मार्च 2026) एक बड़ी घटना में अमेरिकी नौसेना ने भारतीय महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को युद्ध में निशाना बनाया।श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 40 समुद्री मील (लगभग 75 किमी) दूर यह हमला हुआ। श्रीलंका की नौसेना ने बताया कि जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों में से 87 शव बरामद किए गए हैं, 32 लोगों को बचाया गया है, जबकि करीब 60-100 लोग अभी भी लापता हैं। कुल मिलाकर जहाज पर लगभग 180 लोग सवार थे।

IRIS Dena एक मौजूदा-क्लास फ्रिगेट था, जो हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-2026 मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था। यह 25 फरवरी को भारत से रवाना हुआ था और ईरान लौट रहा था जब हमला हुआ।अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने पेंटागन में कहा, "एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित समझ रहा था। यह एक टॉरपीडो से हुआ—एक शांत मौत।" उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला ऐसा हमला बताया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने अब तक ईरान के कई युद्धपोतों को निशाना बनाया है, लेकिन यह हमला विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध को भारतीय महासागर तक विस्तारित करता है।

युद्ध का संक्षिप्त पृष्ठभूमि

युद्ध शुरू: 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए, जिसमें खामेनेई सहित उच्चाधिकारी मारे गए।ईरान की प्रतिक्रिया: ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हथियारों से जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाई तेज हो गई।विस्तार: अब युद्ध भूमि, समुद्र और हवाई क्षेत्र तक फैल गया है, जिसमें ईरानी नौसेना को निशाना बनाया जा रहा है।भारत की स्थिति: भारत ने अब तक तटस्थ रुख अपनाया है, लेकिन ईरानी दूतावास में श्रद्धांजलि देकर कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.