ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध: तीसरे दिन कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश, दुबई-अबू धाबी में फिर धमाके; हिजबुल्लाह ने भी मोर्चा खोला, ईरान में 200 से ज्यादा मौतें
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का तीसरा दिन: खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज किए। कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश, दुबई-अबू धाबी में फिर धमाके। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट दागे, इजराइल ने बेरूत-दहियाह पर हमले किए। ईरान में 200+ मौतें, स्कूल पर हमला; अमेरिका-इजराइल ने 1000+ ठिकानों पर बमबारी की। क्षेत्रीय युद्ध फैल रहा है, खाड़ी देश अलर्ट पर।
मध्य पूर्व में जारी तनाव अब पूर्ण युद्ध में बदल चुका है। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई से शुरू हुए इस संघर्ष का आज तीसरा दिन है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है, जिसके बाद ईरान ने इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं।
कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश
ईरानी मीडिया और कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। वीडियो में जेट आग पकड़ते हुए और क्रैश होते दिख रहा है, जबकि पायलट ने eject किया। यह घटना युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना को बड़ा झटका मानी जा रही है। कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को शेल्टर में रहने की सलाह दी है, क्योंकि मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है (कुल 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए)।
दुबई और अबू धाबी में फिर धमाके
16 घंटे पहले दुबई के पोर्ट, बुर्ज खलीफा क्षेत्र और फेयरमोंट होटल पर ईरानी हमले हुए थे। अब रविवार-सोमवार की रात को फिर दुबई, अबू धाबी, बहरीन, दोहा और अन्य खाड़ी शहरों में विस्फोटों की खबरें आई हैं। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें दुबई एयरपोर्ट और जेबेल अली पोर्ट प्रभावित हुए। एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को रोका, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। खाड़ी देशों में हवाई अड्डे बंद हैं और उड़ानें सस्पेंड हैं।
हिजबुल्लाह का युद्ध में शामिल होना
लेबनान का ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह अब खुले तौर पर इजराइल के खिलाफ मैदान में उतर आया है। खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट और मिसाइल हमले किए हैं। इजराइल ने जवाब में लेबनान के दक्षिणी इलाकों, बेरूत के दहियाह (हिजबुल्लाह का गढ़) और 50 से ज्यादा गांवों पर हमले तेज कर दिए हैं। इजराइल ने इन इलाकों के निवासियों को तत्काल खाली करने का आदेश दिया है। 2024 के सीजफायर के बाद यह पहली बड़ी एस्केलेशन है, जहां इजराइल हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी मानकर हमले कर रहा है।
ईरान में भारी तबाही: 200 मौतें, स्कूल पर हमला
अल-जजीरा और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल ने ईरान के 1,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए, जिसमें पहले 30 घंटों में 2,000 से अधिक बम गिराए गए। ईरान में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 740 से अधिक घायल हैं। सबसे दर्दनाक घटना दक्षिणी ईरान के एक लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल हमला है, जिसमें 148-180 छात्राओं की मौत हुई और दर्जनों घायल हैं। खामेनेई के अलावा कई वरिष्ठ कमांडर और अधिकारी मारे गए हैं। ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित है और बदले की कसम खाई जा रही है।