कोटा में होली के उत्सव के बीच दर्दनाक हादसा: बीएसटीसी छात्र धीरज मीणा की करंट लगने से मौत, परिजनों ने केईडीएल पर लगाया लापरवाही का आरोप; धरना-प्रदर्शन जारी
कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित लैंडमार्क सिटी में होली के दिन 21 वर्षीय बीएसटीसी छात्र धीरज मीणा (निवासी गोविंदपुर बावड़ी, बूंदी) दोस्तों का वीडियो बनाते समय ट्रांसफार्मर के तारों से टच होने पर करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। परिजनों ने बिजली कंपनी केईडीएल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हॉस्टल के बाहर धरना दिया और उचित मुआवजा व कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच में जुटी है।
कोटा, राजस्थान: होली के रंगों में रंगने वाला उत्सव कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित लैंडमार्क सिटी में एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। होली के दिन (कल) 21 वर्षीय बीएसटीसी छात्र धीरज मीणा की बिजली के करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद आज मृतक के परिजनों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने निजी बिजली कंपनी केईडीएल (कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताते हुए हॉस्टल के बाहर धरना दे दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
घटना का विवरण
मृतक धीरज मीणा मूल रूप से बूंदी जिले के गोविंदपुर बावड़ी का निवासी था और कोटा में बीएसटीसी (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट) की पढ़ाई कर रहा था। होली के मौके पर वह अपने दोस्तों के साथ लैंडमार्क सिटी इलाके में मस्ती कर रहा था। जानकारी के अनुसार, धीरज अपने दोस्तों का वीडियो मोबाइल से बना रहा था। इसी दौरान वह पास में लगे ट्रांसफार्मर या बिजली के तारों/उपकरण से टकरा गया या हाथ लग गया, जिससे उसे तेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोस्तों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों और समाज का आक्रोश
मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने केईडीएल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली की व्यवस्था में लापरवाही और रखरखाव की कमी के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने दावा किया कि ट्रांसफार्मर या बिजली लाइनों की अनदेखी और खराब स्थिति ने युवा की जान ले ली।आज सुबह मृतक के परिजन, रिश्तेदार और मीणा समाज सहित स्थानीय लोग बड़ी संख्या में हॉस्टल के बाहर जमा हो गए। उन्होंने धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं:
मृतक परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।बिजली व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे इलाके में तनाव का माहौल रहा।
पुलिस की कार्रवाई
कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने मामले की संज्ञान लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं—जैसे बिजली लाइनों की स्थिति, कंपनी की जिम्मेदारी और घटना के सटीक कारण—की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।