उदयपुर में लेपर्ड का खौफनाक हमला: छत पर सोते किसान बाबूलाल को 500 मीटर घसीटकर ले गया, शरीर के कई हिस्से खा गए; एक पैर अलग मिला, शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद
उदयपुर के उपली बड़ी गांव में लेपर्ड ने छत पर सोते 42 वर्षीय किसान बाबूलाल गमेती पर रात में हमला किया। उसे घसीटकर कुएं से 500 मीटर दूर खेत में ले जाकर मार डाला और शरीर के कई हिस्से खा लिए। एक पैर अलग मिला। सुबह ग्रामीणों ने खून के निशान से शव बरामद किया। वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची, सज्जनगढ़ सेंचुरी के पास होने से इलाके में दहशत। ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए।
उदयपुर जिले में लेपर्ड के हमलों का सिलसिला जारी है, जहां अब एक किसान की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के निकट स्थित बड़ी पंचायत के उपली बड़ी गांव में शुक्रवार रात एक लेपर्ड ने 42 वर्षीय किसान बाबूलाल (पुत्र रूपलाल गमेती) पर भीषण हमला किया। लेपर्ड ने छत पर सो रहे किसान को दबोच लिया और उसे घसीटते हुए कुएं से लगभग 500 मीटर दूर खेत में ले जाकर मार डाला। शनिवार सुबह किसान का शव मिला, जिसकी हालत इतनी खराब थी कि ग्रामीण भी देखकर घबरा गए।
घटना का पूरा विवरण
बाबूलाल शुक्रवार रात अपने खेत में गेहूं की फसल को पानी देने के बाद कुएं के पास बने एक छोटे कमरे की छत पर सो गए थे। रात के समय लेपर्ड ने छत पर चढ़कर अचानक हमला कर दिया। उसने किसान को दबोचकर नीचे उतारा और जमीन पर घसीटते हुए करीब 500 मीटर दूर खेत में ले गया। इस दौरान लेपर्ड ने बाबूलाल के शरीर के कई हिस्सों को नोच-खा लिया। शव का एक पैर शरीर से अलग होकर पड़ा मिला। कुएं के आसपास किसान के कपड़े भी बिखरे हुए पाए गए, जो घटना की भयावहता को दर्शाते हैं।
शनिवार सुबह ग्रामीण थावरचंद पानी की मोटर चलाने कुएं पर पहुंचे तो उन्हें जमीन पर खून फैला दिखा। पहले तो उन्हें किसी हत्या का शक हुआ। उन्होंने खून के निशानों का पीछा किया और करीब 500 मीटर दूर खेत में बाबूलाल का क्षत-विक्षत शव देखा। तुरंत गांव में सूचना दी गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
गांव के वार्ड पंच अजय सिंह देवड़ा ने बताया, "बाबूलाल के शरीर के कई हिस्से लेपर्ड ने खा लिए थे। उसका एक पैर अलग पड़ा था। शव को इतनी बुरी तरह नोचा-खाया गया था कि देखकर ग्रामीण घबरा गए।" उन्होंने घटना की भयावहता पर जोर देते हुए कहा कि यह देखकर सब सदमे में थे।
दूसरे ग्रामीण खुबेश सुथार ने वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा, "थावरचंद ने सबसे पहले खून देखा। हमने कई बार वन विभाग को सूचना दी थी कि लेपर्ड इलाके में घूम रहा है, लेकिन उन्होंने कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। अब एक निर्दोष इंसान की जान चली गई।"
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बड़गांव पुलिस थाने और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सज्जनगढ़ सेंचुरी से रेंजर सीताराम मीणा और उदयपुर पूर्व से रेंजर तेजसिंह राणावत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरी जानकारी ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए उदयपुर के एमबी अस्पताल ले जाया गया। वन विभाग ने लेपर्ड की तलाश और इलाके में सतर्कता बढ़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।