Asaduddin Owaisi का बयान: ईरान पर हमले की निंदा, खामेनेई की हत्या को बताया गैर-कानूनी; युद्ध रोकने में भारत से हस्तक्षेप की मांग

Asaduddin Owaisi ने ईरान पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए Ayatollah Khamenei की हत्या को गैर-कानूनी बताया और युद्ध तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे एक करोड़ भारतीय प्रभावित हो सकते हैं और भारत को शांति स्थापना में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
March 1, 2026 • 5:39 PM  834
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Asaduddin Owaisi का बयान: ईरान पर हमले की निंदा, खामेनेई की हत्या को बताया गैर-कानूनी; युद्ध रोकने में भारत से हस्तक्षेप की मांग
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Asaduddin Owaisi का बयान: ईरान पर हमले की निंदा, खामेनेई की हत्या को बताया गैर-कानूनी; युद्ध रोकने में भारत से हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली। AIMIMके अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसदAsaduddin Owaisiने ईरान पर हुए हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Khamenei की हत्या को गलत और गैर-कानूनी करार देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

ओवैसी ने कहा कि जब जिनेवा में ईरान और United Statesके बीच बातचीत चल रही थी, उसी दौरान हमला होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हैं। उन्होंने लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया।

ओवैसी ने Israel और अमेरिका की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है।

अपने बयान में उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की नीतियों पर सवाल उठाए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय तनाव को भड़काने से शांति की संभावनाएं कमजोर होती हैं और आम लोगों को इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।

ओवैसी ने केंद्र सरकार से मांग की कि भारत को इस संघर्ष को समाप्त कराने में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति, संवाद और संतुलन पर आधारित रही है, इसलिए मौजूदा हालात में भारत को युद्धविराम की दिशा में पहल करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश में शासन परिवर्तन बाहरी हमलों से संभव नहीं होता और इससे हालात और बिगड़ते हैं। ओवैसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तुरंत युद्ध रोकने की अपील की, ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल की जा सके।

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