चिन्मयी गोपाल होंगी बाड़मेर की नई कलेक्टर, टीना डाबी का टोंक तबादला
राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: आईएएस चिन्मयी गोपाल को बाड़मेर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, बाड़मेर की वर्तमान कलेक्टर टीना डाबी का तबादला टोंक कर दिया गया है। जानें चिन्मयी गोपाल की कार्यशैली और उनके अब तक के सफर के बारे में विस्तृत जानकारी
जयपुर/बाड़मेर:
राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम आईएएस चिन्मयी गोपाल और टीना डाबी का है। 2014 बैच की आईएएस अधिकारी चिन्मयी गोपाल को अब बाड़मेर जिले की कमान सौंपी गई है। उनसे पहले बाड़मेर जिला कलेक्टर के पद पर तैनात टीना डाबी का तबादला अब टोंक जिला कलेक्टर के रूप में कर दिया गया है।
कौन हैं चिन्मयी गोपाल?
चिन्मयी गोपाल 2014 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं। वह मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए (MA) किया है। बाड़मेर कलेक्टर बनने से पहले वह झुंझुनूं और टोंक में भी जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं।
जनता के बीच पैठ और कार्यशैली
चिन्मयी गोपाल अपनी विशिष्ट कार्यशैली और संवेदनशीलता के लिए जानी जाती हैं। टोंक में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 'घर-घर जाकर समस्या सुनने' के अभियान के कारण काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण:
वे अक्सर प्रोटोकॉल तोड़कर गांवों में पैदल घूमती थीं ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है या नहीं, इसकी हकीकत जान सकें।
कठोर निर्णय: टोंक में एक बार गलत सर्वे रिपोर्ट मिलने पर उन्होंने खुद फील्ड में जाकर सच्चाई का पता लगाया और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी।
अनुभव: वे अजमेर और कोटा में सहायक कलेक्टर, भीलवाड़ा और रामगंजमंडी में एसडीएम, और बीकानेर व श्रीगंगानगर जिला परिषद में सीईओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
बाड़मेर और टोंक में नए समीकरण
बाड़मेर जैसे सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले में चिन्मयी गोपाल की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। वहीं, टीना डाबी, जो अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं, अब टोंक जिले की जिम्मेदारी संभालेंगी। टीना डाबी के बाड़मेर कार्यकाल के दौरान किए गए नवाचारों के बाद अब जनता की उम्मीदें चिन्मयी गोपाल से भी वैसी ही सक्रियता की हैं।
इस तबादला सूची के बाद प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। चिन्मयी गोपाल के आने से बाड़मेर के विकास कार्यों और जनसुनवाई प्रणाली में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।