“जिंदा नहीं पकड़ा जाऊंगा…” कहने वाला शेरदिल होटल में ऐसे दबोचा गया, एएनटीएफ का खतरनाक ऑपरेशन सफल

भीलवाड़ा में एएनटीएफ ने मोस्ट वांटेड ड्रग तस्कर शेरदिल को होटल से गिरफ्तार किया। महिला मित्र और फोन कॉल बना सबसे बड़ा सुराग।

Mar 31, 2026 - 12:58
Mar 31, 2026 - 12:58
“जिंदा नहीं पकड़ा जाऊंगा…” कहने वाला शेरदिल होटल में ऐसे दबोचा गया, एएनटीएफ का खतरनाक ऑपरेशन सफल

भीलवाड़ा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक ऐसे शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। “ऑपरेशन हृदशार्दूल” के तहत मोस्ट वांटेड ड्रग तस्कर शेरदिल उर्फ दद्दू को सोमवार रात हमीरगढ़ स्थित एक होटल से उस वक्त दबोचा गया, जब वह आराम से डिनर कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले वह अपनी महिला मित्र से फोन पर दावा कर रहा था कि “पुलिस घेर भी ले तो जिंदा नहीं पकड़ा जाऊंगा।” लेकिन इसी बातचीत ने उसकी लोकेशन उजागर कर दी और वही उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गई।

पुलिस के अनुसार, शेरदिल राजस्थान के टॉप-25 मोस्ट वांटेड अपराधियों और टॉप-5 सिंथेटिक ड्रग तस्करों में शामिल था। वह कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था और हमेशा हथियारों के साथ रहने के लिए जाना जाता था। एएनटीएफ लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार टेक्नोलॉजी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के दम पर उसे पकड़ने में सफलता मिली।

इस ऑपरेशन में सबसे अहम भूमिका उसकी महिला मित्र ने निभाई। फरारी के दौरान शेरदिल ने मध्यप्रदेश में एक महिला से दोस्ती की थी। एएनटीएफ कई महीनों तक इस कड़ी तक पहुंचने की कोशिश करती रही, लेकिन शुरुआत में महिला ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एक रणनीति के तहत उसकी दूसरी महिला मित्र का जिक्र कर संदेह पैदा किया। इस मनोवैज्ञानिक दबाव का असर हुआ और महिला ने गुस्से में आकर शेरदिल की लोकेशन, मोबाइल नंबर और उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दे दी।

इसी सूचना के आधार पर भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे स्थित होटल में कार्रवाई की गई। भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ की संयुक्त टीमों ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया और शेरदिल को गिरफ्तार कर लिया। यह वही आरोपी था जो पहले पांच बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था, लेकिन इस बार उसका आत्मविश्वास ही उसके खिलाफ चला गया।

शेरदिल प्रतापगढ़ जिले के अरनोद क्षेत्र का रहने वाला है और उसे दक्षिणी राजस्थान का बड़ा सिंथेटिक ड्रग किंगपिन माना जाता है। वह अफीम, एमडी, एमडीएमए और स्मैक जैसी ड्रग्स की तस्करी करता था और राजस्थान से लेकर मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र तक अपना नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, वह स्थानीय स्तर पर कम और अंतरराज्यीय स्तर पर ज्यादा सक्रिय था, ताकि लंबे समय तक कानून की नजर से बचा रह सके।

आईजी विकास कुमार के मुताबिक, अब अपराधियों को पकड़ने के तरीके बदल चुके हैं। केवल रेड ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, निगरानी और मनोवैज्ञानिक रणनीति का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस ऑपरेशन में भी तकनीक और मानवीय कमजोरी दोनों का संयोजन किया गया, जिसके चलते महीनों की मेहनत के बाद यह सफलता मिली।

इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क की कड़ी को तोड़ने का दावा किया है, लेकिन जांच अभी जारी है। माना जा रहा है कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या शेरदिल की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा या अभी भी इसके पीछे कोई और बड़ा मास्टरमाइंड छिपा हुआ है। 

Kashish Sain Bringing truth from the ground