ड्यूटी की राह में मौत का साया कार की रफ्तार ने तोड़ा कांस्टेबल का सपना, सिर पर गंभीर चोट.

जोधपुर में ड्यूटी पर जा रहे पुलिस कांस्टेबल राम भरोसे को गोरा होटल के पास तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने से उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है। पुलिस कमिश्नर ने अस्पताल पहुंचकर हालचाल जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। चालक हिरासत में, मामला दर्ज।

Nov 10, 2025 - 10:20
ड्यूटी की राह में मौत का साया कार की रफ्तार ने तोड़ा कांस्टेबल का सपना, सिर पर गंभीर चोट.

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है। ड्यूटी पर जा रहे एक बहादुर कांस्टेबल को एक लापरवाह कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सिर में लगी गहरी चोट के कारण उन्हें जोधपुर के प्रतिष्ठित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम दिन-रात उनकी जान बचाने में जुटी हुई है। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का पूरा विवरण: कैसे बदली जिंदगी की चाल?

यह दर्दनाक हादसा जोधपुर के व्यस्त इलाके में गोरा होटल के नजदीक उस समय हुआ, जब जोधपुर पुलिस लाइन से तैनात कांस्टेबल राम भरोसे अपनी ड्यूटी के लिए निकले थे। सुबह का वक्त था, जब वे पैदल या ड्यूटी वाहन से जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने अचानक उनकी राह में खुद को घुसेड़ दिया। आंखों देखा हाल बताता है कि कार चालक ने स्पीड कंट्रोल करने की बजाय ब्रेक लगाने में देरी की, जिससे टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि कांस्टेबल राम भरोस जमीन पर लुढ़क पड़े। हादसे की तीव्रता ऐसी थी कि उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, खून बहने लगा और वे बेहोश हो गए।मौके पर मौजूद राहगीरों और साथी पुलिसकर्मियों ने फौरन 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एम्बुलेंस की टीम ने तुरंत उन्हें स्ट्रेचर पर लादा और जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर रवाना कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। एमआरआई और सीटी स्कैन से पता चला कि सिर में फ्रैक्चर और आंतरिक रक्तस्राव है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले 48 घंटे ए सबसे क्रिटिकल हैं, लेकिन उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और समय पर मिले इलाज से उम्मीद की किरण बाकी है।

पुलिस महकमे का साथ: कमिश्नर का स्नेहपूर्ण दौरा

इस हादसे की खबर फैलते ही जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में सन्नाटा छा गया। ड्यूटी पर तैनात एक जांबाज का इस तरह घायल होना पूरे विभाग के लिए दुखदायी साबित हुआ। कमिश्नर जोशुआ बेन्स ने फौरन एम्स अस्पताल पहुंचकर कांस्टेबल राम भरोस का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से विस्तृत जानकारी ली, परिवार से बात की और आश्वासन दिया कि विभाग हर संभव मदद करेगा। कमिश्नर ने कहा, "हमारे जवान हमारा गौरव हैं। राम भरोसे की बहादुरी और समर्पण को सलाम। हम उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।" उनके इस दौरे ने न सिर्फ परिवार को हौसला दिया, बल्कि पूरे पुलिस लाइन में एकजुटता का संदेश भी पहुंचाया। 

परिवार का दर्द: ड्यूटी का जज्बा, घर का सहारा

कांस्टेबल राम भरोस, जो 35 वर्षीय हैं, जोधपुर पुलिस में पिछले 10 साल से सेवा दे रहे हैं। वे एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां पत्नी और दो छोटे बच्चे उनका इंतजार करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार वाले एम्स पहुंचे, लेकिन राम भरोसे की हालत देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। पत्नी ने बताया, "वह हमेशा कहते थे कि ड्यूटी सबसे ऊपर है। आज सुबह ही निकले थे, सोचा भी नहीं था कि ऐसा होगा।" परिवार ने अपील की है कि जल्दी ठीक होने के लिए सभी की दुआओं की जरूरत है। पुलिस विभाग ने परिवार को आर्थिक सहायता और मेडिकल खर्च की पूरी जिम्मेदारी लेने का वादा किया है।

जांच और कार्रवाई: लापरवाही पर लगाम? 

पुलिस ने हादसे के तुरंत बाद कार चालक को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि चालक की लापरवाही और तेज गति मुख्य कारण थी। ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जो टक्कर के क्षण को कैद करते हैं। एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (लापरवाह ड्राइविंग) और 337 (चोट पहुंचाने) के तहत केस दर्ज किया गया है। जोधपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए विशेष ट्रेनिंग शामिल होगी।

व्यापक संदेश: सड़कें सुरक्षित हों, जिंदगियां बचें

यह हादसा राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों की कड़ी याद दिलाता है। राज्य में प्रतिदिन दर्जनों दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें तेज रफ्तार और लापरवाही मुख्य वजहें हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जोधपुर जैसे शहरों में ट्रैफिक मैनेजमेंट को और सख्त करने की जरूरत है। कांस्टेबल राम भरोस का यह संघर्ष न सिर्फ पुलिस भाइयों के लिए प्रेरणा है, बल्कि हर ड्राइवर के लिए चेतावनी भी।