दौसा में बैग स्टोर मालिक ने दुकान में लगाया फंदा, कोरोना के बाद से था गहरा डिप्रेशन; परिजनों ने बताया वजह

दौसा के गांधी तिराहे के पास बैग स्टोर के मालिक कृष्ण कुमार विजय ने बुधवार शाम दुकान में छत के कुंदे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, कोरोना महामारी के बाद से वह गहरे डिप्रेशन में थे। पुलिस ने शव को उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां मृत घोषित किया गया। जांच जारी है, लेकिन मुख्य वजह डिप्रेशन बताई जा रही है।

Jan 22, 2026 - 12:59
दौसा में बैग स्टोर मालिक ने दुकान में लगाया फंदा, कोरोना के बाद से था गहरा डिप्रेशन; परिजनों ने बताया वजह

दौसा, राजस्थान – दौसा शहर में एक दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। गांधी तिराहे के पास स्थित एक बैग स्टोर के मालिक ने बुधवार शाम अपनी दुकान के अंदर ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कृष्ण कुमार विजय के रूप में हुई है, जो दौसा के निवासी थे और नई मंडी रोड पर दुर्गा मंदिर के पास रहते थे।

घटना के अनुसार, कृष्ण कुमार ने दुकान की छत के कुंदे में रस्सी का फंदा लगाया और खुदकुशी कर ली। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी फैलते ही दुकान के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों में सदमा और अफसोस की लहर दौड़ गई।परिजनों के अनुसार, कृष्ण कुमार कोरोना महामारी के बाद से ही मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उनके भाई ने बताया कि कोरोना काल के बाद से वे गहरे डिप्रेशन में थे। इस दौरान उनकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि वह काफी समय से तनाव और अवसाद से जूझ रहे थे, लेकिन कोई ठोस इलाज या सहायता नहीं मिल पाई।

कोतवाली थाना इंचार्ज भगवान सहाय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "कृष्ण कुमार ने अचानक यह कदम क्यों उठाया, इसकी पूरी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में डिप्रेशन की बात सामने आई है, लेकिन अन्य कोई वजह भी हो सकती है।" पुलिस ने पंचनामा पूरा करने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.