सीएम भजनलाल की पहल: जर्जर भवनों के लिए 375 करोड़ की मरम्मत योजना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जर्जर सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए 375 करोड़ रुपये, विधायक फंड और विशेषज्ञ समिति के गठन का ऐलान किया।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 26, 2025 • 6:57 PM  358
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26 Jul 2025
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सीएम भजनलाल की पहल: जर्जर भवनों के लिए 375 करोड़ की मरम्मत योजना

झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया। इस त्रासदी ने सरकारी भवनों की जर्जर हालत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य के सभी जर्जर सरकारी भवनों, खासकर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों, की मरम्मत के लिए व्यापक योजना की घोषणा की है।

विधायक फंड से मरम्मत को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपील की है कि वे अपने विधायक फंड का उपयोग सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए करें। इसके लिए नियमों में बदलाव को भी मंजूरी दे दी गई है। अब विधायक अपने फंड का 20 प्रतिशत हिस्सा सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी भवनों और अन्य सरकारी इमारतों की मरम्मत के लिए सिफारिश कर सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल एमएलए-लैड (MLA-LAD) योजना के तहत बने भवनों तक सीमित थी, लेकिन अब इस बाध्यता को हटा दिया गया है।

सीएम ने डांग, मगरा और मेवात क्षेत्रीय विकास योजना के तहत मरम्मत के लिए अनुमत राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का भी फैसला किया है। इस बदलाव से ज्यादा संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे जर्जर भवनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सकेगा।

बजट में 375 करोड़ का प्रावधान

राज्य सरकार ने इस साल के बजट में बिना भवन वाले और जर्जर स्कूलों के लिए 375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हर विधानसभा क्षेत्र को मरम्मत कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। इस राशि से स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सरकारी भवनों की मरम्मत का काम तेजी से किया जाएगा।

तत्काल निरीक्षण और विशेषज्ञ समिति का गठन

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सरकारी इमारतों का तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया, जो पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस समिति का काम जर्जर भवनों की स्थिति का आकलन करना और मरम्मत के लिए ठोस सुझाव देना होगा।

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