चमक पड़ी फीकी! सोना-चांदी में भारी गिरावट के पीछे छिपा बड़ा कारण क्या है?

20 अप्रैल को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। सोना करीब 1500–1600 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी में 4000–5000 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आई। डॉलर की मजबूती, ऊंची ब्याज दरों की आशंका और मुनाफावसूली के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Apr 20, 2026 - 11:29
चमक पड़ी फीकी! सोना-चांदी में भारी गिरावट के पीछे छिपा बड़ा कारण क्या है?

20 अप्रैल को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच हलचल मच गई। फ्यूचर मार्केट में लगातार दबाव के चलते दोनों कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ती नजर आई।

क्या रही आज की बड़ी गिरावट?

एमसीएक्स पर सोने के जून वायदा भाव में करीब 1500 से 1600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट देखने को मिली। वहीं चांदी के मई वायदा में करीब 4000 से 5000 रुपये प्रति किलो तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट पिछले कुछ समय से जारी उतार-चढ़ाव के बीच एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं:

डॉलर में मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मजबूत होने से सोने पर दबाव बढ़ा है।

ब्याज दरों का असर: अमेरिका सहित अन्य देशों में ऊंची ब्याज दरों की संभावना से निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं।

मुनाफावसूली (Profit Booking): हाल ही में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूला, जिससे कीमतें नीचे आईं।

ग्लोबल संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।

आपके शहर में क्या हैं ताजा रेट?

देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम में गिरावट के बाद औसत कीमतें कुछ इस तरह देखी जा रही हैं (लगभग):

दिल्ली: ₹72,000 – ₹73,000 प्रति 10 ग्राम

मुंबई: ₹71,800 – ₹72,800 प्रति 10 ग्राम

जयपुर/जोधपुर: ₹72,000 के आसपास प्रति 10 ग्राम

वहीं चांदी की कीमतें भी गिरकर करीब:

82,000 – ₹85,000 प्रति किलो के आसपास पहुंच गई हैं

(नोट: अलग-अलग ज्वेलर्स और टैक्स के अनुसार रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है।)

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है। ऐसे में:

शॉर्ट टर्म निवेशक सतर्क रहें

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है

फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर इंडेक्स पर नजर रखना जरूरी है

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो फिर से तेजी लौट सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार दबाव में नजर आ रहा है।

20 अप्रैल को आई इस बड़ी गिरावट ने साफ कर दिया है कि कीमती धातुओं का बाजार फिलहाल अस्थिर दौर से गुजर रहा है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार के संकेतों को समझना बेहद जरूरी हो गया है।