चैत्र नवरात्रा कल से शुरू मेहरानगढ़ किले में चामुंडा माता के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था, सुबह 7 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे द्वार...

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जिसके तहत मेहरानगढ़ किला स्थित चामुंडा माता मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। श्रद्धालु सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शराब, पॉलिथीन और बड़े बैग पर प्रतिबंध लगाया गया है। नवरात्रा के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा पाठ और हवन जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

Mar 18, 2026 - 18:43
चैत्र नवरात्रा कल से शुरू मेहरानगढ़ किले में चामुंडा माता के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था, सुबह 7 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे द्वार...

जोधपुर। चैत्र नवरात्रा के शुभ अवसर पर मेहरानगढ़ किला स्थित चामुंडा माता मंदिर में 19 मार्च से धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट ने विस्तृत व्यवस्थाएं लागू की हैं।

दर्शन का समय और नियम

नवरात्रा के दौरान मंदिर में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ही दर्शन की अनुमति रहेगी। इसके बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं—

शराब पीकर या साथ लेकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध

पॉलिथीन बैग और बड़े कैरी बैग लाने की मनाही

मंदिर परिसर में परिक्रमा करना वर्जित

राजपरिवार करेगा विशेष पूजा-अर्चना

नवरात्रा के पहले दिन शुभ मुहूर्त में सुबह 11:21 बजे जोधपुर के पूर्व शासक गज सिंह और हेमलता राजे द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी। इसी दौरान नवरात्र स्थापना और सप्तशती पाठ का संकल्प लिया जाएगा।

नौ दिनों तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान

नवरात्रा के दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे—

नौ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा लगातार दुर्गा सप्तशती का पाठ

अष्टमी (26 मार्च) की रात हवन का आयोजन

नवमी (27 मार्च) को हवन की पूर्णाहुति और विशेष आरती

नवमी के दिन दोपहर में तिलक आरती और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे।

दर्शन के लिए अलग-अलग मार्ग व्यवस्था

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग मार्ग तय किए हैं—

प्रवेश जय पोल और फतेह पोल से होगा

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग मार्ग (पट्टे क्षेत्र)

पुरुषों और युवाओं के लिए बसंत सागर व सलीम कोट मार्ग

सभी श्रद्धालुओं को एक ही लाइन से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

प्रसाद और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था

प्रसाद चढ़ाने और नारियल चढ़ाने के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं—

पुरुषों के लिए बसंत सागर क्षेत्र

महिलाओं के लिए अलग पट्टा मार्ग

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।

सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष जोर

प्रशासन ने साफ किया है कि नवरात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और धार्मिक अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी कारण सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सकें।