प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में SDM का विरोध: बीजेपी कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, कलेक्टर ने मंत्री को सुरक्षित गाड़ी तक पहुंचाया

भरतपुर के उच्चैन में वंदे मातरम 150 वर्ष कार्यक्रम के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने SDM के खिलाफ नारेबाजी की, कलेक्टर ने मंत्री सुरेश रावत को सुरक्षित गाड़ी तक पहुंचाया।

Nov 7, 2025 - 14:20
प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में SDM का विरोध: बीजेपी कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, कलेक्टर ने मंत्री को सुरक्षित गाड़ी तक पहुंचाया

भरतपुर, 7 नवंबर 2025: राष्ट्रीय गान 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजस्थान के भरतपुर जिले के उच्चैन क्षेत्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मास्टर अदितेंद्र स्कूल में आयोजित इस समारोह में प्रभारी मंत्री सुरेश रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। लेकिन यह कार्यक्रम तब विवादास्पद हो गया जब बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के खिलाफ खुलेआम विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं के उग्र रुख को देखते हुए कलेक्टर कमर चौधरी को खुद आगे आना पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक ओर हटाते हुए मंत्री को सुरक्षित रूप से उनकी गाड़ी तक पहुंचाया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।

कार्यक्रम का पृष्ठभूमि और आयोजन;  'वंदे मातरम' गान की रचना स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा की गई थी, और इसके 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भरतपुर के उच्चैन उपखंड के मास्टर अदितेंद्र स्कूल में यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर मनाया गया। स्कूल परिसर में सजी-धजी सजावट, छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति गीतों के बीच माहौल उत्साहपूर्ण था। प्रभारी मंत्री सुरेश रावत का आगमन कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण था। वे स्कूल पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 'वंदे मातरम' के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, सरपंच, स्कूल प्रबंधन और बड़ी संख्या में ग्रामीण व छात्र शामिल हुए थे। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक था, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी माना जा रहा था। हालांकि, सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था कि अचानक बीजेपी के कार्यकर्ताओं का एक समूह आगे आया और माहौल बिगाड़ दिया।

बीजेपी कार्यकर्ताओं का अचानक विरोध: SDM पर निशाना कार्यक्रम के मध्य में ही बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ता प्रभारी मंत्री के ठीक सामने ही इकट्ठा हो गए और SDM के खिलाफ नारे लगाने लगे। उनका मुख्य आरोप था कि SDM प्रशासनिक लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे उच्चैन क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि SDM द्वारा भूमि विवादों, अवैध अतिक्रमणों और स्थानीय मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई न करने से ग्रामीण परेशान हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने प्लेकार्ड भी हाथों में थामे हुए थे, जिन पर लिखा था – "SDM हटाओ, विकास बचाओ" और "प्रशासनिक भ्रष्टाचार बंद करो"।यह विरोध इतना तीव्र था कि कार्यक्रम स्थल पर हलचल मच गई। कार्यकर्ताओं की संख्या करीब 20-25 बताई जा रही है, जो बीजेपी की स्थानीय इकाई से जुड़े हुए थे। उनका दावा था कि वे लंबे समय से SDM के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस बार मंत्री की मौजूदगी में उन्होंने इसे सार्वजनिक रूप दे दिया। नारेबाजी के दौरान कुछ कार्यकर्ता मंत्री के करीब पहुंच गए, जिससे सुरक्षा की चिंता बढ़ गई।

कलेक्टर की तत्परता: मंत्री को गाड़ी तक पहुंचाया विरोध की स्थिति को भांपते हुए कलेक्टर कमर चौधरी ने फौरन कार्रवाई की। वे स्वयं मंच से उतर आए और कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थे। ऐसे में कलेक्टर ने व्यक्तिगत रूप से प्रभारी मंत्री को घेरा बनाकर सुरक्षित रखा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक ओर साइड करते हुए मंत्री को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया और उनकी गाड़ी में बैठाया। इस दौरान कलेक्टर के स्टाफ और पुलिस बल ने भी सहयोग किया, लेकिन कोई झड़प नहीं हुई। मंत्री सुरेश रावत इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शांत रहे और उन्होंने किसी प्रकार का बयान नहीं दिया।कलेक्टर कमर चौधरी ने बाद में बताया कि स्थिति नियंत्रण में थी और उन्होंने केवल मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कदम उठाया। उन्होंने कहा, "कार्यक्रम शांतिपूर्ण था, लेकिन लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है। हम मुद्दों का समाधान बातचीत से करेंगे।" इस घटना के बाद कार्यक्रम को जल्द ही समाप्त कर दिया गया।

विरोध के पीछे संभावित कारण: स्थानीय विवादों का उबाल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उच्चैन SDM के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं का आक्रोश नया नहीं है। पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, सिंचाई परियोजनाओं में देरी और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर तनाव चल रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि SDM पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं, जिससे पार्टी के समर्थक प्रभावित हो रहे हैं। कुछ का मानना है कि यह विरोध आगामी स्थानीय चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि पार्टी की पैठ मजबूत हो। हालांकि, प्रशासनिक पक्ष से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। SDM ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.