ट्रम्प का बड़ा दावा: ईरान जल्द ही सरेंडर करेगा, उसकी मिसाइल-ड्रोन क्षमता खत्म होने वाली है; इराक में KC-135 विमान क्रैश, 4 अमेरिकी सैनिक मारे गए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने G7 बैठक में दावा किया कि ईरान जल्द सरेंडर करेगा क्योंकि उसके मिसाइल-ड्रोन स्टॉक और सैन्य क्षमता तेजी से खत्म हो रही है। ऑपरेशन "एपिक फ्यूरी" से ईरान की नौसेना, वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। इधर, पश्चिमी इराक में अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान क्रैश हो गया, जिसमें 6 क्रू में से 4 सैनिक मारे गए और 2 लापता हैं। इससे युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 11 हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के भारी दबाव में है और वह जल्द ही सरेंडर कर सकता है। न्यूज वेबसाइट एक्सियोस के अनुसार, ट्रम्प ने G7 नेताओं के साथ हुई वर्चुअल बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को गहरा नुकसान पहुंचा है, जबकि उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता तेजी से खत्म हो रही है।
ट्रम्प ने इस दौरान ऑपरेशन "एपिक फ्यूरी" (Operation Epic Fury) का जिक्र किया, जिसे उन्होंने "एक कैंसर को खत्म करने" की कार्रवाई बताया जो पूरी दुनिया के लिए खतरा था। उन्होंने G7 सहयोगियों से कहा कि ईरान अब "सरेंडर के कगार पर" है, लेकिन स्थिति इतनी अस्थिर हो गई है कि "किसी को नहीं पता कि लीडर कौन है, इसलिए सरेंडर की घोषणा करने वाला कोई नहीं बचा"। ट्रम्प ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को "लाइटवेट" बताकर भी मजाक उड़ाया।
ट्रम्प के इस दावे के बावजूद, ईरान की तरफ से अभी सरेंडर की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने और नए मोर्चे खोलने की धमकी दी है। युद्ध के शुरुआती चरणों में अमेरिका-इजराइल ने ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और यहां तक कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का दावा किया था। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की क्षमता 90% तक कम हो चुकी है और ड्रोन हमले भी काफी घट गए हैं।
इराक में अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान क्रैश, 4 सैनिकों की मौत
इसी बीच, पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (रिफ्यूलिंग विमान) क्रैश हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, विमान में सवार 6 क्रू मेंबर्स में से 4 की मौत हो गई है, जबकि 2 अभी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
CENTCOM ने स्पष्ट किया कि यह क्रैश हॉस्टाइल फायर (दुश्मन की गोलीबारी) या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुआ है। जांच जारी है और यह घटना ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी बलों के लिए एक और चुनौती बन गई है। इस घटना के बाद ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 11 तक पहुंच गई है।
युद्ध की वर्तमान स्थिति
यह युद्ध फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर आश्चर्यजनक हमले किए। ट्रम्प ने कई बार दावा किया है कि ईरान की मिलिट्री "डिसाइमेटेड" (नष्ट) हो चुकी है, उसकी एयर फोर्स "गॉन" है और मिसाइल-ड्रोन 85-90% कम हो गए हैं। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान अभी भी ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।