5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू: सरकार ने हटाई रोक, घरेलू उपभोक्ताओं से कहा - घबराकर बुकिंग न करें; दिल्ली-NCR के होटल-रेस्टोरेंट कचरे से बने RDF पेलेट्स इस्तेमाल करें
सरकार ने 9 मार्च को लगाई गई कमर्शियल LPG (19 किलो) सिलेंडर सप्लाई पर रोक को 5 दिन बाद हटा दिया है। अब 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण शुरू हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं से घबराहट में बुकिंग न करने की अपील की है, क्योंकि घरेलू सप्लाई सामान्य है और डिलीवरी 2.5 दिनों में हो रही है। दिल्ली-NCR सहित होटल-रेस्टोरेंट को एक महीने के लिए कचरे से बने RDF पेलेट्स (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) जैसे बायोमास पेलेट्स इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी तेज है। बुकिंग 55 लाख से बढ़कर 88 लाख पहुंची, लेकिन डिलीवरी 50 लाख रोज है। संकट का कारण ईरान-इजरायल-यूएस युद्ध से होर्मुज रूट पर आयात बाधा है, भारत 60% LPG आयात करता है। घरेलू उत्पादन 31% तक बढ़ाया गया।
नई दिल्ली, 14 मार्च 2026: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। 9 मार्च को लगाई गई कमर्शियल LPG (19 किलो) सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक को 5 दिन बाद हटा दिया गया है। अब देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण शुरू हो गया है। यह कदम मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष (ईरान-इजरायल-यूएस युद्ध) के कारण Strait of Hormuz रूट पर आयात बाधित होने से पैदा हुए संकट के बीच उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं (डोमेस्टिक LPG) को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य चक्र में जारी है - बुकिंग के करीब 2.5 दिन में सिलेंडर मिल रहा है। पैनिक बुकिंग और अफवाहों के कारण बुकिंग में अचानक उछाल आया है, लेकिन सप्लाई चेन मजबूत है।
कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई पर अपडेट
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि अब दिल्ली-NCR की इंडस्ट्रीज, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थाओं को एक महीने के लिए नेचुरल गैस की जगह बायोमास से बने पेलेट्स (खासकर रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल - RDF पेलेट्स) के अस्थायी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। ये पेलेट्स कचरे (सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, कपड़ा, लकड़ी) से बनाए जाते हैं, जो पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हैं और कोयले या गैस के स्थान पर इस्तेमाल हो सकते हैं। यह अनुमति CAQM (कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) के आदेश से मिली है।कमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी गई है। कई जगहों पर सिलेंडर ₹4,000 तक काला बाजार में बिक रहे थे।
बुकिंग और डिलीवरी के आंकड़े
पहले रोजाना करीब 55 लाख घरेलू सिलेंडर बुक होते थे, जो अब पैनिक के कारण बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गए हैं।कंपनियां रोजाना करीब 50 लाख सिलेंडर डिलीवर कर रही हैं।जमाखोरी रोकने के लिए नियम सख्त किए गए हैं: दो सिलेंडर की डिलीवरी के बीच शहरों में कम से कम 25 दिन और ग्रामीण/दुर्गम इलाकों में 45 दिन का अंतर अनिवार्य है।OTP, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी सख्ती बढ़ाई गई है।
संकट का कारण और सरकार के प्रयास
भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% गैस और 60% LPG आयात करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर युद्ध के कारण आयात प्रभावित हुआ। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाया:पहले 10%, फिर 25%, अब कुल 31% तक बढ़ाया गया है।रिफाइनरियों से LPG उत्पादन 28-40% बढ़ाया गया।दो भारतीय LPG जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' (कुल 92,700 टन LPG) होर्मुज रूट पार कर चुके हैं और 16-17 मार्च तक मुंद्रा/कांडला बंदरगाह पहुंचेंगे।सरकार ने Essential Commodities Act लागू किया, हाई-लेवल कमेटी बनाई और वैकल्पिक ईंधन (इंडक्शन, डीजल भट्ठी, लकड़ी, कोयला) को बढ़ावा दिया। होटल-रेस्टोरेंट में मेन्यू कटौती, सरचार्ज और कुछ जगह बंदी की खबरें आईं, लेकिन अब राहत मिल रही है।