RPSC में महिला अधिकारी पर 11 पुरुष कर्मचारियों द्वारा भद्दे कमेंट्स और मानसिक प्रताड़ना: शिकायत में गंभीर आरोप, इज्जत पर हमला बताकर जांच शुरू

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में तैनात एक महिला अधिकारी ने 11 पुरुष कर्मचारियों पर पिछले तीन महीनों से लगातार भद्दे और अश्लील कमेंट्स करने, मानसिक प्रताड़ना देने तथा धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में इसे महिला की इज्जत पर हमला बताया गया है। डीपीसी में देरी को कारण बताते हुए सोशल मीडिया पर डबल मीनिंग पोस्ट्स भी साझा किए गए। आयोग ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया और महिला उत्पीड़न निवारण समिति ने जांच शुरू कर दी है।

Mar 14, 2026 - 13:43
RPSC में महिला अधिकारी पर 11 पुरुष कर्मचारियों द्वारा भद्दे कमेंट्स और मानसिक प्रताड़ना: शिकायत में गंभीर आरोप, इज्जत पर हमला बताकर जांच शुरू

अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में एक महिला अधिकारी ने कार्यस्थल पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न जैसी अभद्र टिप्पणियों का आरोप लगाते हुए 11 पुरुष कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता अधिकारी ने इसे अपनी इज्जत पर सीधा हमला करार दिया है। इस मामले में आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है और महिला उत्पीड़न निवारण समिति ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता महिला अधिकारी ने RPSC के अध्यक्ष यूआर साहू को लिखे पत्र में विस्तार से आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों से ये 11 कर्मचारी लगातार उनके खिलाफ भद्दे और अश्लील कमेंट्स कर रहे हैं। ऑफिस में आते-जाते समय उनके सामने तथा पीठ पीछे ऐसी बातें की जा रही हैं, जो महिला की गरिमा और सम्मान पर सीधा प्रहार हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां इतनी आपत्तिजनक हैं कि उन्हें लिखना भी संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि RPSC में अपनी 18 वर्षों की सेवा के दौरान उन्हें कभी ऐसी मानसिक प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ा था। शिकायत में सभी 11 कर्मचारियों के नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी उनके बारे में बेहूदा और बेतुकी बातें फैला रहे हैं। इतना ही नहीं, एक कॉन्ट्रैक्ट आधारित कर्मचारी के माध्यम से उन्हें धमकी भी दी गई। धमकी में कहा गया कि "अपनी अफसर से कह दो कि उसकी नौकरी गलत लगी है, उसे हटवा देंगे।"

डीपीसी में देरी को बनाया प्रताड़ना का आधार

शिकायत में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी उठाया गया है कि आयोग में नए पदों के सृजन और पदोन्नति के अनुपात में बदलाव के कारण विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) में देरी हुई। इसी देरी को लेकर कुछ कर्मचारी नाराज हैं और इसी कारण महिला अधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी डबल मीनिंग वाली चैट्स और स्टेटस शेयर किए, जिनके प्रिंटआउट शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं।

महिला उत्पीड़न निवारण समिति की सक्रियता

RPSC में महिलाओं के कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए वर्ष 2022 में एक समिति गठित की गई थी। उस समय परीक्षा नियंत्रक चित्रा जैनानी को इस समिति की अध्यक्ष बनाया गया था। अब जैनानी उपसचिव पद पर पदोन्नत हो चुकी हैं, इसलिए समिति का पुनर्गठन किया गया और उन्हें ही दोबारा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।समिति की अध्यक्ष चित्रा जैनानी ने 13 मार्च को सभी आरोपित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 25 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग के अध्यक्ष के निर्देश पर यह जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.