बाड़मेर कांग्रेस नेता फतेह खान का सनसनीखेज बयान: "कहीं अमेरिका का राष्ट्रपति मोदी जी को उठाकर न ले जाए, भारत पर कब्जा हो जाएगा"

बाड़मेर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष फतेह खान ने धरने में दिए बयान में अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को "उठाकर ले जाने" की आशंका जताई, जिससे राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया है।

Mar 13, 2026 - 15:27
बाड़मेर कांग्रेस नेता फतेह खान का सनसनीखेज बयान: "कहीं अमेरिका का राष्ट्रपति मोदी जी को उठाकर न ले जाए, भारत पर कब्जा हो जाएगा"

राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित एक धरने के दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष फतेह खान ने एक ऐसा बयान दिया है जो अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। फतेह खान, जो बाड़मेर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच संबंधों को लेकर बेहद आपत्तिजनक और सनसनीखेज टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ऐसा कहीं न हो जाए अभी जो कुछ दिनों पहले एक राष्ट्र के राष्ट्रपति को अमेरिका का राष्ट्रपति उठा के ले गया। कहीं ऐसा न हो जाए भारत के प्रधानमंत्री को भी अमेरिका का राष्ट्रपति उठा के ले जाए और भारत पे कब्ज़ा हो जाए। ये कोई छोटी बात नहीं है, बड़ी गंभीर बात है।"

यह बयान बाड़मेर जिला कांग्रेस के एक धरने में दिया गया, जहां पार्टी कार्यकर्ता किसी स्थानीय या राष्ट्रीय मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे। फतेह खान का इशारा स्पष्ट रूप से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हालिया घटना की ओर था, जहां अमेरिकी कार्रवाई में मादुरो को "उठाए" जाने (capture या arrest) की चर्चा मीडिया में थी। फतेह खान ने इस घटना को आधार बनाकर भारत के प्रधानमंत्री पर अमेरिका द्वारा इसी तरह की कार्रवाई की आशंका जताई, जिसे उन्होंने "भारत पर कब्जा" होने की संभावना से जोड़ दिया।

फतेह खान का यह बयान राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस के स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता होने के नाते उनका यह बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग माना जा रहा है। बाड़मेर में कांग्रेस की आंतरिक कलह लंबे समय से चर्चा में रही है, जहां फतेह खान जैसे नेता पार्टी के भीतर अपनी अलग पहचान रखते हैं। पूर्व में भी फतेह खान ने पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें वापस शामिल किया गया था। उनका यह बयान भाजपा समर्थकों द्वारा कांग्रेस पर "देशद्रोही" होने का आरोप लगाने का मौका दे रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर एक अतिरंजित और अतिशयोक्तिपूर्ण टिप्पणी है। भारत-अमेरिका संबंध वर्तमान में मजबूत हैं, और प्रधानमंत्री मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच व्यक्तिगत स्तर पर अच्छी दोस्ती रही है। ऐसे में किसी "किडनैपिंग" या "कब्जे" की बात को कई लोग हास्यास्पद मान रहे हैं। हालांकि, फतेह खान ने इसे "गंभीर बात" बताकर अपनी चिंता जाहिर की है, शायद यह कहकर कि भारत को विदेशी दबाव से सावधान रहना चाहिए।

यह घटना राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर कर सकती है, जहां पार्टी पहले से ही आंतरिक गुटबाजी और चुनावी हार से जूझ रही है। बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले में, जहां सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दे संवेदनशील होते हैं, ऐसे बयान स्थानीय स्तर पर भी बहस का विषय बन सकते हैं।

कांग्रेस के उच्च नेतृत्व की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेता इसे कांग्रेस की "एंटी-इंडिया" सोच का उदाहरण बताकर हमला कर रहे हैं। फतेह खान के इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी मीम्स और ट्रोल्स की बाढ़ ला दी है, जहां लोग इसे "अजीबोगरीब" और "बेतुका" बता रहे हैं।

कुल मिलाकर, यह बयान राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे रहा है और यह सवाल उठा रहा है कि क्या स्थानीय नेता बिना सोचे-समझे ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बोल सकते हैं। फतेह खान का यह बयान न केवल प्रधानमंत्री पर सवाल उठाता है, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती को भी चुनौती देता प्रतीत होता है। राजनीतिक हलके में यह सुर्खियां बटोर रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.