ईरान ने भारत को दिया बड़ा भरोसा: होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा, राजदूत फतहाली बोले- "भारत हमारा दोस्त है, 2-3 घंटे में देखेंगे असर"
ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि भारत दोस्त है, इसलिए होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा और 2-3 घंटे में इसका असर दिखेगा। यह बयान ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच आया है, जहां भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता था। वहीं ओमान के सोहर में ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगार मारे गए और कई घायल हुए, जिसकी पुष्टि MEA ने की। भारत ने कूटनीति से दोनों पक्षों से संतुलन बनाए रखा है।
नई दिल्ली: ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने स्पष्ट कहा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ईरान का दोस्त है, और इस वजह से दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय हितों की रक्षा की जाएगी।
राजदूत फतहाली ने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारत को सुरक्षित रास्ता देगा, तो उन्होंने जवाब दिया, "हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप दो-तीन घंटे में ऐसा होते देखेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान और भारत के बीच लंबे समय से सहयोग, विश्वास और आपसी समझ का रिश्ता रहा है। दोनों देश क्षेत्र में साझा हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ते हैं, और इस संकट के दौर में भी भारत के जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ईरान ने क्षेत्र में कुछ जहाजों पर प्रतिबंध या चेतावनी जारी की थी, लेकिन भारत के साथ उसके विशेष संबंधों के चलते अपवाद बनाया जा रहा है। कूटनीतिक स्तर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी समकक्ष के बीच हुई बातचीत ने भी इस दिशा में मदद की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय झंडे वाले टैंकरों को अब सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल गई है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए राहत की बात है।
होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र (खासकर सऊदी अरब, इराक, यूएई, कतर आदि) से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी संकरे रास्ते से गुजरकर एशिया, यूरोप और अन्य हिस्सों तक पहुंचता है। दुनिया का लगभग 20-30% तेल व्यापार इसी मार्ग से होता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इस स्ट्रेट में कोई रुकावट सीधे ईंधन की कीमतों और आपूर्ति पर असर डालती है।
ओमान में ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत
इसी बीच, क्षेत्रीय तनाव की एक दुखद घटना ओमान से सामने आई है। ओमान के सोहर प्रांत में ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। ओमान की राज्य समाचार एजेंसी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने दो ड्रोनों को मार गिराया था। इनमें से एक ड्रोन अल-अवाही इंडस्ट्रियल एरिया में गिरा, जहां दो विदेशी नागरिक (जिनमें भारतीय शामिल हैं) मारे गए और कई घायल हुए। दूसरा ड्रोन खुले इलाके में गिरा, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी पुष्टि की है। MEA के अनुसार, दो भारतीय मारे गए और 10 अन्य भारतीय घायल हुए हैं। कुल 11 घायलों में से अधिकांश भारतीय हैं। भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और अस्पतालों से संपर्क में है, मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी जा रही है और घायलों की मदद की जा रही है। मृतकों के शवों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया चल रही है।यह घटना ईरान से जुड़े ड्रोनों से जुड़ी बताई जा रही है, जो क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा लगती है। इससे खाड़ी क्षेत्र में भारतीय कामगारों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जहां लाखों भारतीय काम करते हैं।