हरभजन सिंह ने राज्यसभा में उठाया सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट का गंभीर मुद्दा: बच्चों की मानसिक सेहत पर खतरा

राज्यसभा में AAP सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर बढ़ते अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 12-13 साल के बच्चे आसानी से ऐसे कंटेंट तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी मानसिक सेहत बिगड़ रही है, महिलाओं के प्रति गलत दृष्टिकोण बन रहा है और चिंता-अवसाद बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त नियंत्रण, मजबूत एज वेरिफिकेशन और पोर्नोग्राफी साइट्स पर बैन लगाया जाए। यह मुद्दा बच्चों के भविष्य और समाज की नैतिकता से जुड़ा है।

Mar 13, 2026 - 12:54
हरभजन सिंह ने राज्यसभा में उठाया सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट का गंभीर मुद्दा: बच्चों की मानसिक सेहत पर खतरा

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने हाल ही में संसद के उच्च सदन राज्यसभा में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध अश्लील (पोर्नोग्राफिक) और अश्लील प्रकृति के कंटेंट की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता जताई, खासकर किशोरों और बच्चों पर इसके नकारात्मक प्रभाव को लेकर।

हरभजन सिंह ने अपने भाषण में कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया ज्ञान, संचार और नवाचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। यह हमें नई चीजें सीखने और नए विचारों से जोड़ता है। लेकिन दुर्भाग्य से इसी प्लेटफॉर्म पर अश्लील और अनुचित सामग्री भी बहुत तेजी से फैल रही है। इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक असर बच्चों और किशोरों पर पड़ रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से 13-14 साल की उम्र के बच्चों का जिक्र किया, जो विकास के एक महत्वपूर्ण चरण में होते हैं। इस उम्र में अगर बच्चे लगातार अश्लील कंटेंट देखते हैं, तो उनके मन में महिलाओं के प्रति गलत भावनाएं और दृष्टिकोण विकसित हो सकता है। वे महिलाओं को केवल एक वस्तु की तरह देखने लग सकते हैं, जो समाज के मूल्यों और नैतिकता के लिए खतरनाक है। हरभजन सिंह ने चेतावनी दी कि इससे बच्चों की मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है – चिंता, अवसाद बढ़ रहा है और उनकी सोच अस्वस्थ दिशा में जा रही है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को सख्ती से नियंत्रित (रेगुलेट) किया जाए। मजबूत उम्र सत्यापन (age-verification) सिस्टम लागू किए जाएं और पोर्नोग्राफी वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं। उनका कहना था कि यह सिर्फ तकनीकी या कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि समाज के मूल्यों, नैतिकता और बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है।

हरभजन सिंह ने इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का विशेष जिक्र किया, जहां सॉफ्ट पोर्न या सेक्सुअलाइज्ड कंटेंट बच्चों तक आसानी से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य खतरे में है और सरकार को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।यह मुद्दा उठाने के लिए हरभजन सिंह की सराहना हो रही है, क्योंकि यह आज के डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक प्रासंगिक विषय है। कई लोग इसे साझा कर रहे हैं और सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.