उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में बुजुर्ग के साथ अमानवीय अपमान: सरेआम 'मुर्गा' बनाकर पैरों में माथा रगड़वाया, वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गांव में 7 मार्च के आसपास एक 70 वर्षीय बुजुर्ग (उमाशंकर गुप्ता) के साथ अमानवीय घटना घटी। मामूली विवाद (थाने में बंद पाल समाज के लोगों को खाना देने पर) में कुछ दबंगों ने बुजुर्ग को बीच सड़क पर डंडों से पीटा, जबरन 'मुर्गा' बनाया, पैरों में माथा-नाक रगड़वाई और धमकी दी कि मदद करने वालों का भी यही हाल होगा। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे प्रशासन पर सवाल उठे। यह घटना सामाजिक सद्भाव और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र अंतर्गत नाहिल गांव में 7 मार्च को एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां पाल समाज से संबंधित एक बुजुर्ग व्यक्ति (जिनकी उम्र लगभग 70 वर्ष बताई जा रही है) के साथ कुछ लोगों ने सड़क के बीचों-बीच क्रूरता से पेश आया। आरोपियों ने बुजुर्ग को जबरन 'मुर्गा' बनने पर मजबूर किया, उनके पैरों में माथा रगड़वाया, डंडों से मारपीट की, गाली-गलौज की और खुलेआम धमकियां दीं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि बुजुर्ग को घेरकर अपमानित किया जा रहा है। आरोपियों ने न केवल बुजुर्ग का अपमान किया, बल्कि यह भी ऐलान किया कि यदि कोई भी पीड़ित की मदद करने की कोशिश करेगा या उसके पक्ष में खड़ा होगा, तो उसके साथ भी यही व्यवहार किया जाएगा। यह धमकी न केवल कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह घटना एक मामूली विवाद से शुरू हुई, जिसमें थाने में बंद कुछ लोगों (पाल समाज से जुड़े) के लिए बुजुर्ग खाना लेकर गए थे। इसी बात पर नाराजगी जताते हुए कुछ लोगों ने बुजुर्ग पर हमला बोल दिया। विवाद में ब्राह्मण और पाल समाज के बीच अपशब्दों का भी जिक्र सामने आया है। पीड़ित बुजुर्ग का नाम उमाशंकर गुप्ता या उमाकांत गुप्ता जैसा बताया जा रहा है, हालांकि विभिन्न स्रोतों में थोड़ा अंतर है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के 7-8 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन सख्त कार्रवाई की कमी से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग इस घटना को 'जंगलराज' का उदाहरण बताकर सरकार और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना न केवल एक बुजुर्ग के सम्मान का अपमान है, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मिंदगी का विषय है। किसी भी सभ्य समाज में बुजुर्गों का इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसी घटनाएं सामाजिक सद्भाव को खतरे में डालती हैं और कानून के शासन पर सवाल उठाती हैं।प्रशासन से अपेक्षा है कि:सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।पीड़ित बुजुर्ग और उनके परिवार को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।