पायलट बोले- नीतीश से काम निकला तो दिल्ली बुलाया: ईरान युद्ध पर भारत की विदेश नीति पर सवाल, बीजेपी पर तीखा हमला

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बिहार सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि नीतीश से काम निकलते ही उन्हें दिल्ली बुला लिया गया, बिहार की जनता के साथ धोखा हुआ। उन्होंने ईरान-इजराइल संघर्ष में अमेरिकी कार्रवाई (ईरानी जहाज पर हमला) पर भारत की चुप्पी की आलोचना की और कहा कि केंद्र सरकार विदेशी दबाव में ढुलमुल रवैया अपना रही है। भारत को निष्पक्ष रहते हुए मजबूत स्टैंड लेना चाहिए, जैसा 1971 में किया था।

Mar 6, 2026 - 11:49
Mar 6, 2026 - 11:49
पायलट बोले- नीतीश से काम निकला तो दिल्ली बुलाया: ईरान युद्ध पर भारत की विदेश नीति पर सवाल, बीजेपी पर तीखा हमला

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन और भारत की वर्तमान विदेश नीति को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि "नीतीश से काम निकल गया तो दिल्ली बुला लिया"। साथ ही ईरान-इजराइल (या संबंधित संघर्ष) में अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की चुप्पी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर पायलट का तंज

नागौर में लाडनूं विधायक मुकेश भाकर के प्रीतिभोज समारोह में शामिल होने पहुंचे सचिन पायलट ने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार के नाम पर बिहार में चुनाव जीता, लेकिन अब उन्हें दिल्ली बुला लिया गया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा-

"पहले एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाकर पद से हटाया गया। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली बुलाया है।"पायलट ने आगे कहा कि बीजेपी केवल कुछ महीनों के लिए ही किसी को मुख्यमंत्री के तौर पर आगे रखती है। यह समझ से परे है। नीतीश कुमार को खुद सोचना चाहिए था कि जनता के बीच जो वादे और आश्वासन दिए थे, अब उनका क्या होगा? उन्हें कौन पूरा करेगा? सत्ता को अपने शिकंजे में कैसे रखा जाए, बीजेपी हमेशा इसी रणनीति पर काम करती है।उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने अपने चेहरे पर चुनाव लड़ा, जनता से वोट लिए, लेकिन अब पद छोड़कर जा रहे हैं। अगर छह महीने पहले यह बात स्पष्ट कर दी जाती तो चुनाव का परिणाम अलग हो सकता था। जनता को धोखे में रखा गया है।

ईरान-इजराइल संघर्ष और भारत की विदेश नीति पर सवाल

सचिन पायलट ने ईरान-इजराइल (और अमेरिका से जुड़े) संघर्ष पर भारत की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत 1947 से निष्पक्ष राष्ट्र रहा है और सच्चाई का साथ देता आया है, लेकिन वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का स्टैंड कहीं नजर नहीं आ रहा।

उन्होंने विशेष रूप से एक घटना का जिक्र किया-

"ईरान का एक जहाज, जो भारतीय नौसेना के निमंत्रण पर युद्धाभ्यास के लिए आया था, उसे भारतीय तट के पास ही ध्वस्त कर दिया गया। हमारे ही क्षेत्र में इस प्रकार की आक्रामक कार्रवाई होने के बावजूद सरकार चुप है।"पायलट ने कहा कि अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध है। यह दुखद है। उन्होंने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि तब अमेरिका ने सातवां बेड़ा भेजने की चेतावनी दी थी, लेकिन भारत नहीं झुका था।

विदेशी दबाव और सरकार की 'ढुलमुल' नीति

पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार व्यापारिक समझौतों, रूस से तेल खरीदने जैसे मुद्दों पर विदेशी दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा-"दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है, ऐसे में भारत को किसी के रहमो-करम पर रहने के बजाय अपनी विदेश नीति और कूटनीति को मजबूती से दुनिया के सामने रखना चाहिए। सरकार का रवैया ढुलमुल है। एकतरफा कार्रवाइयों को मौन समर्थन नहीं देना चाहिए।"यह बयान नागौर में दिए गए थे, जहां पायलट विधायक मुकेश भाकर के विवाह समारोह (9 मार्च को जयपुर में होने वाले) से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.