CM भजनलाल शर्मा ने 9 दिन जलाहार व्रत के बीच राजस्थान, केरल और दिल्ली के दौरे, विकास और संगठन दोनों पर फोकस
नवरात्रि के 9 दिनों तक जलाहार व्रत रखते हुए Bhajanlal Sharma ने मंदिर दर्शन, केरल में चुनाव प्रचार और दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए आस्था और जिम्मेदारी का संतुलन दिखाया।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर Bhajanlal Sharma ने आस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनोखा संतुलन पेश किया। मुख्यमंत्री ने पूरे 9 दिनों तक जलाहार (निर्जल/फलाहार) व्रत रखते हुए न सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान किए, बल्कि अपने सरकारी और सांगठनिक कार्यों को भी पूरी सक्रियता से निभाया।
मंदिरों में की पूजा-अर्चना
नवरात्रि के दौरान सीएम शर्मा ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। उन्होंने जयपुर के जोबनेर स्थित ज्वाला माता मंदिर, सांभर के प्रसिद्ध शाकंभरी माता मंदिर और दहमीकलां के खेड़ापति बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
केरल में चुनावी सक्रियता
व्रत के दौरान ही मुख्यमंत्री ने केरल का दौरा भी किया। तिरुवनंतपुरम में उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रमों में भाग लिया और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। यह दौरा उनके सांगठनिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकें
इसी बीच उन्होंने दिल्ली पहुंचकर Narendra Modi सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान राजस्थान में चल रही विकास परियोजनाओं और नई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कन्या पूजन और गौ सेवा
नवरात्रि के समापन पर मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से कन्या पूजन किया और गोशाला में जाकर गोवंश को चारा खिलाया। यह उनकी धार्मिक आस्था और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।