बाड़मेर में सोशल मीडिया पर छाई चर्चा: नेता और महिला के कथित संबंधों का वीडियो वायरल
बाड़मेर में एक कथित 15 सेकंड का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल, जिसमें एक नेता को पीड़िता के घर रंगे हाथों पकड़े जाने और जूतों की माला पहनाए जाने का दावा। महिला पर पहले भी हनी ट्रैप के आरोप, लेकिन वीडियो की पुष्टि नहीं। दोनों पक्षों से कोई प्रतिक्रिया नहीं।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक बार फिर सोशल मीडिया पर तूफान मचा हुआ है। 18 जनवरी 2026 को एक कथित 15 सेकंड का वीडियो और कुछ फोटो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके कारण जिले में चर्चाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इन वायरल सामग्री में किसी पार्टी के एक नेता को कथित तौर पर एक महिला के घर में रंगे हाथों पकड़े जाने और उसके गले में जूतों की माला पहनाए जाने का दृश्य दिखाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर फैली जानकारी और लोगों की चर्चाओं के अनुसार, मामला कुछ इस प्रकार है:
एक नेता किसी पीड़िता महिला को न्याय दिलाने के नाम पर उसके संपर्क में आया था। बताया जाता है कि न्याय के लिए उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाने के दौरान दोनों के बीच घनिष्ठ दोस्ती हो गई। बाद में कल देर रात नेता महिला के घर पहुंच गया, जहां महिला के पति और अन्य परिजनों/स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हो गई। आरोप है कि उन्होंने नेता को मौके पर ही पकड़ लिया और गुस्से में आकर उसके गले में जूतों की माला पहना दी। यह पूरा दृश्य कथित तौर पर वीडियो में कैद हो गया, जो अब वायरल हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया के अनुसार यह महिला पहले भी कई बार किसी व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोप में मुकदमे दर्ज करा चुकी है, लेकिन जांच में हर बार आरोप झूठे साबित हुए। इसके बाद महिला पर हनी ट्रैप से जुड़ा मामला भी दर्ज हुआ था और वह बाड़मेर की मीडिया सुर्खियों में कई बार आ चुकी है।
कुछ लोगों की बातों के अनुसार, नेता और इस महिला के बीच चल रही कथित हरकतों पर नेता के परिवार को भी पहले से शक था, इसलिए कुछ दिन पहले परिवार के सदस्यों ने भी नेता को इसी तरह रंगे हाथों पकड़ा था।
वर्तमान स्थिति यह है कि वायरल वीडियो और फोटो के सामने आने के बाद अब तक न तो किसी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है और न ही कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस या प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: हम इन वायरल फोटो और वीडियो की सत्यता की किसी भी प्रकार से पुष्टि नहीं करते। यह खबर केवल सोशल मीडिया पर फैली जानकारियों, यूजर्स की पोस्ट और आम चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है। ऐसी घटनाओं में अफवाहें और गलत संदेश बहुत तेजी से फैलते हैं, इसलिए किसी भी व्यक्ति या पक्ष पर आरोप लगाने या निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक जांच, पुलिस रिपोर्ट या सत्यापित स्रोतों का इंतजार करना उचित होगा।