विदेशी नंबर से अश्लील फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार: बाड़मेर पुलिस की तकनीकी जांच से खुला राज
बाड़मेर में एक व्यक्ति को विदेशी व्हाट्सएप नंबर से एडिटेड अश्लील फोटो भेजकर पैसे की मांग और वायरल करने की धमकी दी गई। कोतवाली पुलिस ने दो महीने की तकनीकी जांच के बाद भाड़खा निवासी विक्रमसिंह को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल से आगे की जांच जारी है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में साइबर अपराध की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। एक शख्स ने विदेशी व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल करके पीड़ित को एडिटेड अश्लील फोटो भेजे और पैसे न देने पर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इस ब्लैकमेलिंग के मामले में बाड़मेर कोतवाली पुलिस ने करीब दो महीने की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान भाड़खा गांव निवासी विक्रमसिंह पुत्र जोगराजसिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
घटना की शुरुआत और पीड़ित की शिकायत बाड़मेर शहर के एक निवासी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसे एक विदेशी मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो भेजे गए थे। इन फोटो को एडिट करके उसके चेहरे का इस्तेमाल किया गया था। आरोपी ने पैसे की मांग की और नहीं देने पर फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करके उसे बदनाम करने की धमकी दी। इस धमकी से परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र सिंह मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए। एसपी मीना ने बताया कि साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़ितों का मनोबल बना रहे और अपराधी बेखौफ न हो सकें।
पुलिस की तकनीकी जांच और टीम का गठन कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम में साइबर सेल के विशेषज्ञों को शामिल किया गया। पुलिस ने विदेशी व्हाट्सएप नंबर की गतिविधियों पर नजर रखी। व्हाट्सएप अकाउंट की एक्टिविटी, इस्तेमाल किए गए डिवाइस की डिटेल्स, आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। लगातार दो महीने की मेहनत के बाद पुलिस को पता चला कि विदेशी नंबर के पीछे कोई विदेशी अपराधी नहीं, बल्कि स्थानीय व्यक्ति छिपा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रमसिंह ने फर्जी तरीके से विदेशी नंबर का इस्तेमाल करके यह अपराध किया था। पुलिस ने उसे नामजद करके गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड और बरामदगी पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी विक्रमसिंह के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है। वह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया। इस फोन की फोरेंसिक जांच चल रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने अन्य लोगों को इसी तरह ब्लैकमेल किया है। पुलिस को शक है कि यह आरोपी अकेला नहीं हो सकता और उसके साथ कोई नेटवर्क भी जुड़ा हो सकता है। वर्तमान में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे साइबर अपराधों में तकनीकी सबूत बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और इसी के आधार पर इस मामले में सफलता मिली।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए सलाह यह घटना एक बार फिर साइबर ठगों की बढ़ती शातिराना हरकतों को उजागर करती है। आजकल ठग विदेशी या फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करके अश्लील फोटो एडिट कर ब्लैकमेलिंग करते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे मामलों में घबराना नहीं चाहिए। तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और किसी भी धमकी के आगे झुककर पैसे नहीं देने चाहिए। व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज या कॉल को इग्नोर करें और अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें।