बाड़मेर में कांग्रेस का प्रदर्शन: मनरेगा योजना के नाम बदलने के खिलाफ जोरदार विरोध, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के बाड़मेर में कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर VB-G RAM G करने और उसके स्वरूप में बदलाव के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पुलिस बैरिकेडिंग के कारण धक्का-मुक्की हुई और ज्ञापन सौंपे बिना वापस लौटना पड़ा। सांसद बेनीवाल ने जिला कलेक्टर को तानाशाह बताया, कलेक्ट्रेट को भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया और हथियार लाइसेंस, जमीन हस्तांतरण में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रामजी के नाम से पेट नहीं भरता, रोजगार से भरता है। यह प्रदर्शन देशव्यापी कांग्रेस आंदोलन का हिस्सा है।

Dec 23, 2025 - 11:20
बाड़मेर में कांग्रेस का प्रदर्शन: मनरेगा योजना के नाम बदलने के खिलाफ जोरदार विरोध, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) करने के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिसंबर 2025 के आसपास हुआ, जब देशभर में कांग्रेस इस बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन पुलिस बैरिकेडिंग के कारण धक्का-मुक्की हुई और ज्ञापन सौंपे बिना ही वे वापस लौट गए।

प्रदर्शन की मुख्य घटनाएं कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और महात्मा गांधी की तस्वीरें हाथ में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा सहित कई युवा नेता बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे हल्की धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष गोदारा ने नए कानून की प्रतियां फाड़ दीं। प्रशासन के रोकने पर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल (कांग्रेस) ने सभी को शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।

सांसद बेनीवाल के तीखे आरोप मीडिया से बातचीत में सांसद बेनीवाल ने केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जमकर हमला बोला:जिला कलेक्टर पर तानाशाही का आरोप: बेनीवाल ने कहा, "हम शांतिपूर्वक ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया। यह जिला कलेक्टर की तानाशाही और अहंकार है। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: उन्होंने कलेक्ट्रेट को "भ्रष्टाचार का अड्डा" बताया। आरोप लगाए कि:पैसे लेकर जमीनों के हस्तांतरण हो रहे हैं।सोलर कंपनियों के नाम पर जमीन ट्रांसफर किए जा रहे हैं।हथियार लाइसेंस गलत तरीके से जारी हो रहे हैं। "ऐसे-ऐसे लोगों को लाइसेंस मिल रहे हैं जिनकी औकात नहीं है। रुपए देकर लाइसेंस बांटे जा रहे हैं।"नगर परिषद और जिला प्रशासन में भ्रष्टाचार व्याप्त है। "बिना वचन (रिश्वत) रखे कोई फाइल पास नहीं होती।" मनरेगा के मटेरियल सप्लाई के पेमेंट भी इसी कारण रुके हुए हैं।फीस बढ़ोतरी के विरोध में बैठी छात्राओं को थाने में बिठाया गया।

मनरेगा नाम बदलने पर हमला बेनीवाल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा:"इनको सिर्फ नाम बदलना है। रामजी का मंदिर बनाया और अब रामजी के नाम से योजना कर दी। रामजी के नाम से पेट नहीं भरेगा। पेट तो रोजगार और पैसे से भरेगा। भूखे को रामजी कब याद आएंगे?"मनरेगा में आवेदन करने वालों को 40 दिन का रोजगार भी नहीं मिल रहा। कांग्रेस सरकार में राजस्थान में 125 दिन रोजगार दिया जाता था, लेकिन अब सिर्फ नाम बदलकर सुर्खियां बटोरी जा रही हैं।यह आंदोलन की शुरुआत है, इसे उग्र बनाया जाएगा ताकि सरकार कानून वापस लेने पर मजबूर हो।

जिलाध्यक्ष गोदारा के बयान जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा:केंद्र सरकार मनरेगा का नाम और कानून बदल रही है, लेकिन पहले 25% मटेरियल का हिस्सा भी नहीं दे पा रही। अब 40% कैसे देगी?"भारत की जान गांवों में बसती है। गांवों को कमजोर करेंगे तो विकसित भारत कैसे बनेगा? यह विकासशील भारत को ही कमजोर कर रहे हैं।"प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए और इसे "पंगु" बताया।

पृष्ठभूमि: क्यों हो रहा है विरोध? केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में संसद में VB-G RAM G बिल पास कर मनरेगा को रिप्लेस कर दिया। विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इसे महात्मा गांधी का अपमान और गरीबों के अधिकारों पर हमला बता रही है। आरोप है कि नाम बदलाव की आड़ में योजना को कमजोर किया जा रहा है, राज्यों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है और डिमांड-बेस्ड गारंटी को सप्लाई-ड्रिवन बनाया जा रहा है। देशभर में कांग्रेस ने इस खिलाफ प्रदर्शन किए, जिसमें बाड़मेर का यह प्रदर्शन भी शामिल है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.