बाड़मेर में चोरी की वारदातों का आतंकः 10 दिनों में 6 से ज्यादा घरों को बनाया निशाना, CCTV में कैद हुए तीन चोर
बाड़मेर शहर में 10 दिनों में 6 से ज्यादा घरों में ताला तोड़कर चोरी, बीती रात शरणार्थी क्वार्टर के पीछे एक और घर से लाखों के जेवर-नकदी चोरी, CCTV में तीन चोर कैद, पुलिस जांच में जुटी लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर शहर में एक बार फिर चोरों का आतंक बेखौफ जारी है। बीते 10 दिनों में शहर में आधा दर्जन से ज्यादा घरों में ताला तोड़कर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। ताजा मामला शरणार्थी क्वार्टर के पीछे वाला है, जहां बीती रात करीब 1 बजे तीन चोरों ने बंद मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, महंगे तांबे-पितल के बर्तन और कपड़े तक चुरा ले गए।
क्या हुआ पूरा मामला? मकान मालिक दीपक कुमार खींची अपने पूरे परिवार के साथ तीन दिन पहले जोधपुर एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में गए हुए थे। घर पर ताला लगा हुआ था। पड़ोसियों ने गुरुवार देर रात करीब 1 बजे कुछ संदिग्ध युवकों को घर के आसपास देखा था, लेकिन अंधेरे में कुछ समझ नहीं आया। सुबह जब पड़ोसी ने घर के मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखा तो उन्होंने तुरंत दीपक कुमार को फोन किया।जोधपुर से दीपक कुमार तुरंत गाड़ी लेकर बाड़मेर पहुंचे। घर पहुंचते ही उनके होश उड़ गए। मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था, अंदर पूरा घर अस्त-व्यस्त कर दिया गया था। अलमारी के ताले तोड़े गए थे और कीमती सामान गायब था।दीपक कुमार ने बताया, “हम पूरा परिवार शादी में गए थे। घर पर कोई नहीं था। चोरों ने सोने-चांदी के जेवर, नकदी, तांबे-पितल के महंगे बर्तन, कुछ अच्छे कपड़े और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। नुकसान लाखों रुपए में है।”CCTV में कैद हुए तीनों चोरघर के बाहर लगे CCTV कैमरे में तीन युवक साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में देखा जा सकता है कि तीनों युवक रात करीब 1 बजे आते हैं, गेट का ताला तोड़ते हैं, अंदर घुसते हैं और करीब आधे घंटे बाद प्लास्टिक की बड़ी-बड़ी बोरी में सामान भरकर निकलते हैं। तीनों के चेहरे आंशिक रूप से ढके हुए हैं, लेकिन कद-काठी और हुलिया साफ दिख रहा है।
10 दिनों में 6 से ज्यादा चोरियां यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते 10-12 दिनों में बाड़मेर शहर के अलग-अलग इलाकों में ताला तोड़कर चोरी की आधा दर्जन से ज्यादा वारदातें हो चुकी हैं। कुछ मामलों में चोर ताला नहीं तोड़ पाए तो दरवाजा ही काटकर अंदर घुसे। ज्यादातर वारदातें तब हुईं जब घर के लोग शादी-ब्याह या किसी अन्य कार्यक्रम में बाहर गए हुए थे।चोरों का तरीका लगभग एक जैसा ही हैःरात 12 बजे से 3 बजे के बीच वारदात,बंद मकान को निशाना बनाना,पहले गेट का ताला तोड़ना, न टूटे तो दरवाजा काटना,सीधे अलमारी पर धावा बोलना,सोना-चांदी, नकदी और महंगे बर्तन ले जाना,सामान प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाना
पुलिस क्या कर रही है? सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में लिए और आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं। पुलिस का दावा है कि चोरों की तलाश की जा रही है और जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। लेकिन स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पिछले कई मामलों में भी पुलिस यही दावा करती रही, मगर अभी तक एक भी गिरोह पकड़ा नहीं गया है।