सोशल मीडिया की चर्चाओं पर भड़कीं एक्ट्रेस… लुक्स को लेकर उठे सवालों पर दिया ऐसा जवाब, जिसने सबको चौंका दिया!
सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बीच एक युवा अभिनेत्री ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है… अपने लुक्स में आए बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने ऐसा जवाब दिया, जिसने पूरी बहस को नया मोड़ दे दिया।
सोशल मीडिया पर अक्सर सेलेब्स के लुक्स को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं, और कई बार अफवाहें भी फैल जाती हैं। इसी तरह हाल ही में अभिनेत्री अवनीत कौर अपने लुक्स में आए बदलाव को लेकर सुर्खियों में आ गईं। कुछ यूजर्स ने उनके बदलते लुक को लेकर प्लास्टिक सर्जरी और बोटॉक्स जैसे दावे किए, जिन पर अब एक्ट्रेस ने खुद प्रतिक्रिया दी है।“उम्र के साथ बदलाव नेचुरल है” – अवनीत कौर
एक इंटरव्यू में अवनीत कौर ने इन सभी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि उनके लुक में जो भी बदलाव नजर आता है, वह पूरी तरह प्राकृतिक है।
उन्होंने साफ कहा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, चेहरे के फीचर्स में बदलाव आना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह की सर्जरी या बोटॉक्स का कोई रोल नहीं है।
बचपन और अब की तस्वीरें देखने की सलाह
अवनीत ने इस मुद्दे पर लोगों को सलाह देते हुए कहा कि अगर किसी को उनके लुक्स में बदलाव लग रहा है, तो उन्हें उनके बचपन और वर्तमान की तस्वीरों की तुलना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे साफ समझ आता है कि बदलाव स्वाभाविक है, न कि किसी तरह की कॉस्मेटिक प्रक्रिया का नतीजा।
“मेरे फीचर्स वैसे ही हैं”
अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नाक, आंखें और चेहरे के बाकी फीचर्स पहले जैसे ही हैं।
उन्होंने अपने चेहरे पर मौजूद ब्यूटी मोल (तिल) का भी जिक्र किया और बताया कि वह आज भी वैसे ही मौजूद है, जैसा बचपन से रहा है।
मां को दिया खूबसूरती का श्रेय
अवनीत ने अपनी खूबसूरती का श्रेय अपनी मां को देते हुए कहा कि जो भी लुक्स उन्हें मिले हैं, वह पूरी तरह नेचुरल हैं और जेनेटिक्स का परिणाम हैं।
वर्क फ्रंट पर क्या कर रहीं हैं अवनीत?
वर्क फ्रंट की बात करें तो अवनीत कौर आखिरी बार फिल्म लव इन वियतनाम में नजर आई थीं। इस फिल्म में उन्होंने सिमी का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन राहत शाह काजमी ने किया था और यह 12 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
निष्कर्ष
अवनीत कौर ने साफ कर दिया है कि उनके लुक्स को लेकर चल रही सभी अटकलें बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक, उम्र के साथ बदलाव आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे गलत तरीके से जोड़ना सही नहीं है।