एसएमएस अस्पताल मामले में 4 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड: अजमेर में नर्सिंग स्टाफ का विरोध, 2 घंटे का कार्य बहिष्कार

एसएमएस अस्पताल जयपुर के ट्रॉमा सेंटर मामले में चार नर्सिंग ऑफिसरों को सस्पेंड किए जाने के विरोध में अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में नर्सिंग कर्मचारियों ने 2 घंटे का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया और उन्हें बहाल करने की मांग की।

Mar 9, 2026 - 15:26
एसएमएस अस्पताल मामले में 4 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड: अजमेर में नर्सिंग स्टाफ का विरोध, 2 घंटे का कार्य बहिष्कार

अजमेर। Ajmer Nursing Association के आह्वान पर सोमवार को अजमेर के Jawaharlal Nehru Hospital Ajmer में नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन SMS Hospital Jaipur के ट्रॉमा सेंटर से जुड़े मामले में चार नर्सिंग ऑफिसरों को निलंबित किए जाने के विरोध में किया गया। जानकारी के अनुसार, नर्सिंग कर्मचारियों ने करीब 2 घंटे तक कार्य बहिष्कार कर अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा और निलंबित किए गए नर्सिंग अधिकारियों को जल्द बहाल करने की मांग की।

Chetan Prakash Meena, जिला अध्यक्ष, अजमेर नर्सिंग एसोसिएशन ने बताया कि एसएमएस अस्पताल जयपुर के ट्रॉमा सेंटर की घटना में चार नर्सिंग ऑफिसरों को आरोपी मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया, जो पूरे नर्सिंग समुदाय के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया में नर्सिंग कर्मचारियों की कोई भूमिका नहीं होती।

उन्होंने कहा कि अस्पताल से जुड़े सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्य उच्च अधिकारियों की निगरानी में होते हैं। यदि किसी इलेक्ट्रॉनिक फर्म या अन्य प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि नर्सिंग कर्मचारियों पर।प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने चेतावनी दी कि यदि निलंबित किए गए नर्सिंग अधिकारियों को जल्द बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरे नर्सिंग समुदाय के मनोबल को प्रभावित कर रही है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रदेशभर में नर्सिंग संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.