बाड़मेर में आग उगलती गर्मी: 12 साल का टूटा रिकॉर्ड, 46 डिग्री पार, लू से जनजीवन बेहाल
बाड़मेर में तापमान 46 डिग्री से भी ऊपर पहुंचते ही हालात अचानक बदल गए। 12 साल का रिकॉर्ड टूटने के बाद लोगों के बीच दहशत और रहस्य दोनों बढ़ गए हैं कि आखिर इतनी तेज गर्मी की असली वजह क्या है।
बाड़मेर में इस समय मौसम ने ऐसा रुख अपनाया है कि लोग इसे सामान्य गर्मी मानने से इनकार करने लगे हैं। अप्रैल महीने में ही हालात ऐसे बन गए हैं कि पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड टूट चुका है। तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही जिले में हड़कंप जैसा माहौल बन गया है।
अचानक बढ़ी गर्मी या कोई बड़ा संकेत?
सिर्फ कुछ ही दिनों में तापमान में तेज उछाल दर्ज किया गया है। मौसम के आंकड़े बताते हैं कि महज 6 दिनों में करीब 6 डिग्री तक तापमान बढ़ गया। यह बदलाव इतना तेज है कि लोग इसे सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव मानने को तैयार नहीं हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी हो जाती हैं और ऐसा लगता है जैसे शहर थम सा गया हो।
लू और गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
मंगलवार को सुबह से ही गर्म हवाएं और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रहा। बाजारों में रौनक गायब हो गई और लोग सिर्फ बेहद जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते नजर आए।
कूलर और पंखे भी इस भीषण गर्मी में राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं, बल्कि कई जगहों पर वे भी गर्म हवा फेंकते दिखे। इससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
मजदूर और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
इस भीषण गर्मी का सबसे गहरा असर दिहाड़ी मजदूरों, किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। खुले मैदानों में काम करना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर काम के घंटे घटाने पड़े हैं, तो कहीं काम पूरी तरह रोकना पड़ा है।
पशुधन पर भी संकट
गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में पशुओं के लिए चारे और पानी की भारी कमी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए दिनभर पानी की व्यवस्था करने में लगे हुए हैं।
शहर में दोपहर का ‘अघोषित कर्फ्यू’
चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो जाती हैं। हालात ऐसे बन गए हैं मानो शहर में अघोषित कर्फ्यू लगा हो। लोग घरों और ऑफिसों में कैद रहने को मजबूर हैं।
तापमान का 7 दिनों का उतार-चढ़ाव
27 अप्रैल: 46.0°C
26 अप्रैल: 46.4°C
25 अप्रैल: 45.7°C
24 अप्रैल: 44.1°C
23 अप्रैल: 40.4°C
22 अप्रैल: 40.0°C
21 अप्रैल: 41.7°C
इन आंकड़ों से साफ है कि तापमान लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है और अचानक तेजी से बढ़ा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने बाड़मेर में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि इस महीने के अंत तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और तापमान 46 डिग्री के आसपास बना रह सकता है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि दिन के समय अनावश्यक बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और लू से बचाव के उपाय जरूर अपनाएं।
बाड़मेर की यह भीषण गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। बढ़ता तापमान, लू की मार और पानी की कमी ने हालात को और चिंताजनक बना दिया है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक मौसमी बदलाव है, या फिर जलवायु में हो रहे बड़े परिवर्तन का संकेत?