एक रात में ऐसा क्या हुआ कि गैस सिलेंडर हो गया 1000 रुपए महंगा? जानिए पूरा सच
अचानक बढ़ी गैस की कीमतों ने मचा दी हलचल… होटल-ढाबा चलाने वालों से लेकर आम आदमी तक सब हैरान। आखिर क्या है इस बड़ी बढ़ोतरी के पीछे की वजह? जानिए पूरी खबर…
राजस्थान समेत पूरे देश में एलपीजी गैस की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा गुरुवार रात जारी नई दरों के अनुसार, 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अब तक करीब 2106 रुपए में मिलने वाला यह सिलेंडर सीधे 993 रुपए महंगा होकर 3099 रुपए का हो गया है। यानी एक ही दिन में करीब हजार रुपए का झटका, जो खासतौर पर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और चाय की दुकानों पर निर्भर लोगों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बनकर सामने आया है।
छोटे सिलेंडर पर भी मार
सिर्फ बड़े कारोबारियों पर ही नहीं, बल्कि गरीब मजदूरों, छात्रों और माइग्रेंट वर्कर्स के लिए इस्तेमाल होने वाले 5 किलो के छोटे सिलेंडर की कीमत में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां यह सिलेंडर 592 से 616 रुपए तक मिलता था, अब इसकी कीमत बढ़कर 833 से 857 रुपए तक पहुंच गई है। यानी इस श्रेणी में भी करीब 241 रुपए का इजाफा हुआ है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
हालांकि घरेलू रसोई चलाने वालों के लिए फिलहाल राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह अभी भी 916.50 रुपए में उपलब्ध है।
4 महीनों में 1490 रुपए की बढ़ोतरी
अगर इस साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिला है।
31 दिसंबर: 1669 रुपए
जनवरी: +111 रुपए
फरवरी: +49.50 रुपए
मार्च: +141.50 रुपए
अप्रैल: +195 रुपए
मई: +993 रुपए
कुल मिलाकर सिर्फ 4 महीनों में 1490 रुपए की बढ़ोतरी ने कारोबारियों की लागत को दोगुना कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय असर: युद्ध और बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच चल रही खींचतान का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार में एलपीजी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
आम आदमी पर असर
कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट में खाना महंगा हो सकता है
चाय और नाश्ते की कीमत बढ़ सकती है
छोटे फूड स्टॉल चलाने वालों का मुनाफा घट सकता है
यानी यह बढ़ोतरी सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम ग्राहक को भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि क्या सरकार या तेल कंपनियां इस बढ़ती कीमतों पर कोई राहत देंगी? या फिर आम जनता और छोटे कारोबारी इसी तरह महंगाई का बोझ उठाते रहेंगे?