Udaipur: ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ के साथ जनगणना 2027 शुरू... साइबर ठगों से रहें सावधान
भारत में जनगणना 2027 का डिजिटल चरण शुरू, अब घर बैठे करें स्व-गणना। जानिए प्रक्रिया, 34 सवाल और जरूरी सावधानियां।
भारत में जनगणना 2027 का पहला और सबसे अहम चरण आज, 1 मई 2026 से शुरू हो गया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि इसे पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट तरीके से आयोजित किया जा रहा है। पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को पीछे छोड़ते हुए सरकार ने नागरिकों को तकनीक के माध्यम से सीधे इस प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर दिया है।
इस बार सबसे बड़ा बदलाव है— ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की सुविधा। पहले जहां लोगों को अपने घर पर सरकारी कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब आप खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह पहल न सिर्फ समय बचाती है, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज भी बनाती है।
उदयपुर प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना के लिए पूरी तैयारी कर ली है। जिला कलेक्टर और प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 मई से शुरू हो चुका है। इसके तहत आम नागरिकों को 1 मई से 15 मई 2026 तक का समय दिया गया है, जिसमें वे स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
कैसे करें ‘स्व-गणना’?
स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक है। इसके लिए आपको केवल सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाना होगा। यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों के लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
परिवार का मुखिया या कोई भी जिम्मेदार सदस्य मात्र 15 से 20 मिनट में पूरी जानकारी भर सकता है। आपको एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा और फिर लॉगिन करके फॉर्म भरना होगा।
क्या-क्या जानकारी मांगी जाएगी?
इस पहले चरण में कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे, जो मुख्य रूप से इन बिंदुओं से जुड़े होंगे:
मकान का प्रकार (पक्का/कच्चा/अर्ध-पक्का)
घर में कमरों की संख्या
पानी और बिजली की सुविधा
शौचालय की उपलब्धता
इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी
परिवार की संपत्तियां (जैसे वाहन, टीवी, आदि)
ये सभी सवाल आपके जीवन स्तर और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को समझने के लिए तैयार किए गए हैं।
यूनिक आईडी क्यों है जरूरी?
जब आप अपनी जानकारी सबमिट करेंगे, तो आपके मोबाइल नंबर या ईमेल पर एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (Unique ID) भेजा जाएगा। यह आईडी आपके डेटा का डिजिटल प्रमाण होगी। भविष्य में जब सरकारी कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपको केवल यही आईडी दिखानी होगी।
अगर ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाए तो?
अगर किसी कारणवश आप 15 मई तक ऑनलाइन जानकारी नहीं भर पाते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। 16 मई से 14 जून 2026 के बीच सरकारी प्रगणक (Enumerators) आपके घर आएंगे और अपनी मोबाइल ऐप के माध्यम से आपकी जानकारी दर्ज करेंगे।
यदि आपने पहले ही स्व-गणना कर ली है, तो वे आपकी दी गई जानकारी को आपके यूनिक आईडी के जरिए सत्यापित करेंगे।
क्यों जरूरी है आपकी भागीदारी?
जनगणना केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की आधारशिला है। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य की योजनाएं तैयार करती हैं, जैसे:
स्वास्थ्य सेवाएं
शिक्षा व्यवस्था
रोजगार योजनाएं
आवास और बुनियादी ढांचा
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
इसलिए हर नागरिक की सही और समय पर भागीदारी बेहद जरूरी है।
प्रशासन की पहल और जागरूकता अभियान
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए उदयपुर प्रशासन ने भी खास पहल की है। 1 मई को जिला परिषद और ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाए गए, जहां सरकारी अधिकारी और कर्मचारी खुद अपनी ‘स्व-गणना’ कर रहे हैं, ताकि आम जनता को प्रेरित किया जा सके।
साइबर ठगी से रहें सावधान
इस डिजिटल प्रक्रिया के साथ एक बड़ा खतरा भी जुड़ा है साइबर फ्रॉड। जिला कलेक्टर ने सख्त चेतावनी दी है कि जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया केवल सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।
अगर आपको कोई अनजान लिंक, कॉल या मैसेज मिलता है, जिसमें आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी, OTP या बैंक डिटेल मांगी जाती है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
याद रखें: सरकार कभी भी फोन या मैसेज के जरिए आपकी बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती।
जनगणना 2027 का यह डिजिटल स्वरूप भारत को एक नई दिशा देने वाला कदम है। यह न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि नागरिकों को भी सीधे भागीदारी का अवसर देगा।
तो देर किस बात की? आज ही आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और अपनी ‘स्व-गणना’ पूरी करें। एक जागरूक नागरिक बनें और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।