Kota: 58 करोड रुपए की ठगी का पर्दाफाश...पुलिस ने चलाया ऑपरेशन म्यूल हंटर..

कोटा में सामने आया ऐसा साइबर खेल, जिसमें आम लोगों के नाम पर करोड़ों की ठगी हो रही थी। ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन टास्क का लालच—कहीं अगला नंबर आपका तो नहीं…?

May 1, 2026 - 18:09
Kota: 58 करोड रुपए की ठगी  का पर्दाफाश...पुलिस ने चलाया ऑपरेशन म्यूल हंटर..

अगर एक दिन आपको पता चले कि आपके नाम पर करोड़ों रुपये का साइबर फ्रॉड हो चुका है—तो क्या आप यकीन करेंगे? सुनने में ये किसी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन राजस्थान के कोटा ग्रामीण इलाके में सामने आया मामला हकीकत में इससे भी ज्यादा खौफनाक है।

कोटा ग्रामीण पुलिस ने ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार सिर्फ एक जिले तक नहीं, बल्कि पूरे देश में फैले हुए हैं।

 कैसे बनते हैं ‘म्यूल’ (खच्चर)?

जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी सीधे लोगों के खाते इस्तेमाल नहीं करते। वे गांव-देहात के भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं।

पेंशन चालू करवाने का झांसा

छोटा मोटा काम दिलाने का लालच

या फिर ऑनलाइन कमाई का सपना

इन्हीं बहानों से लोगों की आईडी लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवा लिए जाते हैं। बाद में इन्हीं खातों को बड़े साइबर गिरोह को बेच दिया जाता है।

58 करोड़ का चौंकाने वाला खेल

सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के मोरपा गांव का एक मामला सबको हिला देने वाला है। एक साधारण व्यक्ति अपनी पेंशन शुरू करवाने के लिए एक एजेंट के पास गया।

उसकी आईडी से सिम निकाला गया

बैंक खाते की जानकारी ली गई

और फिर वही खाता साइबर गिरोह को बेच दिया गया

नतीजा? उसी एक खाते से देशभर में 58 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का लेन-देन हुआ।

WhatsApp-Telegram का जाल

दीगोद क्षेत्र में पुलिस ने एक और आरोपी को पकड़ा, जो

लोगों को WhatsApp और Telegram ग्रुप्स में जोड़ता था

‘ऑनलाइन टास्क’ देकर पैसे कमाने का लालच देता था

और फिर खातों से लाखों रुपये गायब कर देता था

इस मामले में करीब 71 लाख 49 हजार रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।

‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर

साइबर ठग अब नया हथकंडा अपना रहे हैं—‘डिजिटल अरेस्ट’।

खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर कॉल

डराकर या धमकाकर पैसे ट्रांसफर करवाना

और फिर पूरा खाता खाली

लोग डर के कारण तुरंत पैसे भेज देते हैं और ठगों का शिकार बन जाते हैं।

 पुलिस का एक्शन जारी

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व सुजीत शंकर कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 सबसे बड़ा सबक

यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—

अपनी आईडी, सिम या बैंक डिटेल्स किसी को न दें

OTP और लिंक शेयर करने से बचें

‘जल्दी पैसा कमाने’ वाले ऑफर से दूर रहें

क्योंकि आज के डिजिटल दौर में आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको करोड़ों के अपराध में फंसा सकती है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।