अजमेर में 12 साल की मासूम बेटी की दिल दहला देने वाली आत्महत्या: मां को लौटने की गुजारिश के बाद साड़ी से लगाया फंदा

अजमेर में पिता की शराब की लत के कारण मां के घर छोड़ने से आहत 12 साल की मासूम बच्ची सोनाक्षी ने साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह स्कूल जाते वक्त भी वह मां से फोन पर घर लौटने की गुजारिश कर रही थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, जांच जारी।

Nov 22, 2025 - 11:00
अजमेर में 12 साल की मासूम बेटी की दिल दहला देने वाली आत्महत्या: मां को लौटने की गुजारिश के बाद साड़ी से लगाया फंदा

अजमेर (राजस्थान), 22 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने समाज के हर वर्ग को झकझोर कर रख दिया। मात्र 12 साल की एक मासूम बच्ची जिसका नाम सोनाक्षी है उसने अपने जीवन का अंत कर लिया। कारण? माता-पिता का अलगाव और घर का टूटा हुआ पारिवारिक ढांचा। पिता की नशे की लत ने न केवल मां को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया, बल्कि बेटी के नन्हे दिल को भी गहरे आघात पहुंचाए। आखिरी बार मां को फोन पर घर लौटने की विनती करने के बाद बच्ची ने साड़ी का फंदा लगाकर खुद को फंदे पर लटका लिया। यह घटना अजमेर के एक सामान्य इलाके में घटी, जहां अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन सवाल अब भी वही हैं—क्या परिवार के टूटने का बोझ इतना भारी हो सकता है कि एक बच्ची जीवन से हार मान ले?

पारिवारिक पृष्ठभूमि: नशे की लत ने तोड़ा घर का सुकून घटना अजमेर शहर के एक शांत मोहल्ले में रहने वाले एक साधारण परिवार से जुड़ी है। बच्ची के पिता, जिनकी उम्र करीब 35-40 वर्ष बताई जा रही है, लंबे समय से शराब के नशे की गिरफ्त में थे। सूत्रों के अनुसार, पिता की यह बुरी आदत न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को चरमरा रही थी, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी धीरे-धीरे खोखला कर रही थी। मां, जो घर की मुख्य सहारा थीं, इस नशे की लत और लगातार होने वाले झगड़ों से तंग आ चुकी थीं। कुछ महीनों पहले ही उन्होंने पति को छोड़कर मायके चले जाने का फैसला किया। मां का जाना बच्ची के लिए सबसे बड़ा सदमा साबित हुआ।परिजनों के बयानों से पता चलता है कि बच्ची मां के बिना बेहद उदास रहने लगी थी। वह रोजाना स्कूल जाते समय मां को फोन करतीं और भावुक होकर घर लौटने की गुजारिश करतीं। पिता, जो खुद नशे के चक्रव्यूह में फंसे थे, बेटी का ख्याल रखने में असमर्थ साबित हुए। घर में अकेलापन और भावनात्मक शून्यता ने बच्ची के नन्हे मन को इतना तोड़ दिया कि वह तनाव में डूब गई। पड़ोसियों का कहना है कि बच्ची हमेशा चुपचाप रहने लगी थी और उसके चेहरे पर मुस्कान कब की गायब हो चुकी थी। "वह बहुत ही शांत और आज्ञाकारी बच्ची थी। कभी किसी से शिकायत नहीं करती थी, लेकिन अंदर ही अंदर टूट रही थी," एक पड़ोसी महिला ने बताया।

घटना का विवरण: आखिरी कॉल और फिर... घटना गुरुवार की शाम को घटी, जब बच्ची स्कूल से लौटी। दिन भर की थकान के साथ-साथ मन का बोझ भी उसके कंधों पर था। सुबह ही वह स्कूल जाते समय अपनी मां को फोन पर कॉल कर चुकी थी। फोन पर बच्ची की आवाज में वही पुरानी विनती थी—"मां, घर आ जाओ ना। पापा भी सुधर जाएंगे।" मां ने शायद टाल दिया, लेकिन बच्ची का दिल न टला। शाम होते-हाते, जब घर में कोई नहीं था, बच्ची ने एक पुरानी साड़ी ली और उसे छत पर लटका दिया। फिर, बिना किसी को बताए, खुद को फंदे पर झूल लिया।पिता जब शाम को घर लौटे, तो दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग दौड़ पड़े। किसी तरह बच्ची को उतारा गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पड़ोसियों ने तुरंत डायल 108 से एम्बुलेंस बुलाई और बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची का नाम सोनाक्षी है, उसकी उम्र मात्र 12 वर्ष थी। वह स्थानीय एक सरकारी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा थी, जहां वह पढ़ाई में औसत लेकिन व्यवहार में सबसे प्यारी बताई जाती थी।

पुलिस जांच और शुरुआती निष्कर्ष;  अजमेर पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर मामले को संज्ञान में लिया। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि बच्ची ने आत्महत्या की है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन उसके फोन में मां से हुई आखिरी कॉल की रिकॉर्डिंग और मैसेज से तनाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने पिता, अन्य परिजनों और पड़ोसियों से बयान दर्ज किए हैं। एसएचओ (स्टेशन हाउस ऑफिसर) के अनुसार, "यह एक पारिवारिक त्रासदी का मामला लगता है। नशे की लत और अलगाव ने बच्ची को इतना आहत कर दिया कि वह इस कदम पर उतर आई। हम सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं। किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारण की भी पड़ताल की जा रही है।"पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से दम घुटने को मौत का कारण बताया गया है। शुक्रवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार उसी शाम कर दिया गया, जिसमें कुछ ही लोग शामिल हुए। पुलिस ने अब मां को भी बयान के लिए बुलाया है और मामले में कोई आपराधिक कोण न होने पर भी पूरी सतर्कता बरत रही है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.