बाड़मेर में ऊंट तस्करी का बड़ा मामला: पंजाब नंबर के ट्रक में ठूंसकर भरे 17 ऊंट, ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ा गया
राजस्थान के बाड़मेर जिले में चौहटन थाना क्षेत्र के खारिया राठौड़ान गांव के पास ग्रामीणों की सतर्कता से पंजाब नंबर के ट्रक में ठूंसकर भरे 17 ऊंट पकड़े गए। ऊंटों को यूपी-बिहार ले जाने की तस्करी की योजना थी। ऊंटों के मुंह बंधे थे और वे अमानवीय स्थिति में थे। पुलिस ने ट्रक जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में ऊंट तस्करी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चौहटन थाना क्षेत्र के खारिया राठौड़ान गांव के पास बीती रात एक पंजाब रजिस्ट्रेशन नंबर वाले ट्रक में छोटे-बड़े कुल 17 ऊंटों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। ऊंटों के मुंह डोरियों से बंधे हुए थे, जिससे वे चारा या पानी भी नहीं पी सकते थे। ग्रामीणों को संदेह होने पर उन्होंने ट्रक को रोका और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन ऊंटों को तस्करी के इरादे से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर ले जाया जा रहा था।
घटना का विवरण मामला 5-6 जनवरी 2026 की रात का है। खारिया राठौड़ान गांव के पास से गुजर रहे एक ट्रक को ग्रामीणों ने देखा। ट्रक से असामान्य आवाजें आ रही थीं और वह संदिग्ध तरीके से चल रहा था। ग्रामीणों को शक हुआ कि ट्रक में कुछ गड़बड़ है। उन्होंने ट्रक को रोकने की कोशिश की, जिस पर ड्राइवर से उनकी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने तुरंत चौहटन पुलिस थाने को सूचना दी।सूचना मिलते ही चौहटन थाने के हेड कॉन्स्टेबल विशनाराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें 17 ऊंट मिले, जो बेहद क्रूर तरीके से ठूसे गए थे। ऊंटों की हालत देखकर स्पष्ट था कि उन्हें लंबी दूरी तक ले जाने की योजना थी, बिना किसी देखभाल के। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और ड्राइवर से पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों का बयान चौहटन डीएसपी जेठाराम ने बताया कि ऊंटों से भरे ट्रक को जब्त कर लिया गया है। जांच की जा रही है कि ये ऊंट कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था। प्रथम दृष्टया यह ऊंट तस्करी का मामला लग रहा है। थानाधिकारी ललित किशोर पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तस्करी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
ऊंट तस्करी की बढ़ती समस्या राजस्थान में ऊंट राज्य पशु है और 2015 में पारित राजस्थान ऊंट (वध निषेध एवं अस्थायी प्रवास या निर्यात विनियमन) अधिनियम के तहत ऊंटों की तस्करी या वध पर सख्त प्रतिबंध है। फिर भी, समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। ऊंटों को अक्सर अवैध रूप से अन्य राज्यों या सीमापार ले जाया जाता है, जहां उनका मीट या अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। यह घटना ग्रामीणों की सतर्कता का उदाहरण है, जिसने संभवतः इन निर्दोष जानवरों की जान बचाई।