ढाका होटल में संदिग्ध मौत: टेरेंस जैक्सन का बैकग्राउंड और घटना की डिटेल्स
31 अगस्त 2025 को ढाका के वेस्टिन होटल के रूम नंबर 808 में 50 वर्षीय अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज अधिकारी टेरेंस अर्वेल जैक्सन का शव बरामद हुआ। जैक्सन ने 2006 में यूएस आर्मी जॉइन की थी और 1st स्पेशल फोर्स कमांड (एयरबोर्न) के कमांड इंस्पेक्टर जनरल थे। अप्रैल 2025 में वे बांग्लादेश पहुंचे थे, जहां बांग्लादेशी सेना को सेंट मार्टिन द्वीप पर ट्रेनिंग देने का बहाना बताया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मौत प्राकृतिक कारणों से हुई लगती है, लेकिन कोई स्पष्ट हिंसा या जहर के निशान नहीं मिले। 27 अगस्त को होटल चेक-इन करने के बाद वे गायब हो गए थे
मोदी हत्या की साजिश? CIA का कथित प्लान, SCO समिट कनेक्शन और सोशल मीडिया वायरल थ्योरी
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, जैक्सन को CIA ने SCO शिखर सम्मेलन 2025 (तियानजिन, चीन) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की हत्या के लिए विशेष टास्क सौंपा था। रिपोर्ट्स में कहा गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को कमजोर करने के लिए यह साजिश रच रही थी। SCO समिट के दौरान मोदी के दौरे को निशाना बनाया जाना था, जहां जैक्सन की भूमिका केंद्रीय बताई जा रही है। एक्स पर कई पोस्ट्स में दावा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोदी को इस प्लॉट की जानकारी दी, और भारत की RAW ने जैक्सन को निष्क्रिय कर दिया। जियो-पॉलिटिकल विश्लेषकों ने इसे 'ट्रंप युग की पुरानी रणनीति' का विस्तार बताया। हाल ही में एक और दावा वायरल हुआ कि एक पाकिस्तानी ISI एजेंट भी ढाका के शेराटन होटल में मरा मिला, जो इसी साजिश से जुड़ा था।
भारत-रूस का 'आयरन क्लैड' गठबंधन: साजिश को कैसे नाकाम किया? या सिर्फ अटकलें?
दावों के मुताबिक, भारत की RAW और रूस की FSB ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस साजिश का पर्दाफाश किया। रूसी खुफिया ने इंटेल शेयरिंग से जैक्सन की गतिविधियों पर नजर रखी, जबकि भारतीय एजेंसियों ने ढाका में नेटवर्क ट्रैक किया। परिणामस्वरूप, साजिश नाकाम हो गई और जैक्सन की मौत को साजिशकर्ताओं की आंतरिक सफाई का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, ये दावे बिना सबूत के हैं और विशेषज्ञों द्वारा सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
तियानजिन में गुप्त बैठक: मोदी-पुतिन की 45 मिनट की चर्चा ने बदला खेल?
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच 45 मिनट की गुप्त कार चर्चा हुई, जहां खुफिया जानकारी साझा की गई। 2 सितंबर को सेमीकॉन शिखर सम्मेलन में मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा, “क्या आप चीन जाने पर ताली बजा रहे हैं या वापस लौटने पर?” इसे अब खतरे के संकेत से जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक भारत-रूस संबंधों की मजबूती का प्रतीक है।
अमेरिकी खंडन और सनसनीखेज दावों की सच्चाई: अफवाह या हकीकत?
अमेरिकी सेना ने इन दावों का जोरदार खंडन किया है। 1 सितंबर को 1st स्पेशल फोर्स कमांड के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि जैक्सन जिंदा है और अमेरिका में है। 4 सितंबर को यूएस आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल एली स्कॉट ने मौत की रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा कि ढाका में कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा। यूएस एम्बेसी ढाका को डिटेल्स सौंपा गया। बांग्लादेशी अधिकारी मौत को 'प्राकृतिक कारणों' से जोड़ रहे हैं। एक्स पर कुछ यूजर्स ने फैक्ट-चेक करते हुए इसे झूठा बताया। हालांकि ये दावे सोशल मीडिया पर वायरल हैं, लेकिन भारतीय सरकार की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसी खबरों पर सतर्क रहें, क्योंकि ये जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ा सकती हैं। जांच जारी है।