साहस की मिसाल: भीलवाड़ा में लेपर्ड के हमले से 3 मिनट तक भिड़ी महिला, दांतली से की बहादुरी से लड़ाई, जान बचाई

भीलवाड़ा के गंगापुर बालाजी नगर में 40 वर्षीय समता देवी पर खेत जाते समय लेपर्ड ने अचानक हमला कर दिया। महिला ने दांतली से 3-4 मिनट तक बहादुरी से मुकाबला किया, लेपर्ड ने उनके पैर को मुंह में दबाकर घसीटने की कोशिश की और चेहरे-हाथों पर पंजे मारे। चीख सुन ग्रामीणों ने लाठियों से डराकर लेपर्ड भगाया। महिला घायल होकर अस्पताल में हैं, ग्रामीण वन विभाग से लेपर्ड पकड़ने और निगरानी की मांग कर रहे हैं।

Mar 15, 2026 - 17:22
साहस की मिसाल: भीलवाड़ा में लेपर्ड के हमले से 3 मिनट तक भिड़ी महिला, दांतली से की बहादुरी से लड़ाई, जान बचाई

भीलवाड़ा, राजस्थान: एक महिला के अदम्य साहस की यह कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। रविवार सुबह करीब 7 बजे गंगापुर उपखंड के बालाजी नगर (आमली ग्राम पंचायत) में 40 वर्षीय समता देवी, पत्नी किशन लाल जाट, अपने खेत की ओर जा रही थीं। अचानक झाड़ियों में छिपे खूंखार लेपर्ड ने उन पर हमला बोल दिया। जहां ज्यादातर लोग डर से भाग जाते, वहां समता ने हिम्मत नहीं हारी और अपने साथ मौजूद दांतली (घास-फसल काटने वाला औजार) से लेपर्ड पर लगातार वार किए। दोनों के बीच करीब तीन से चार मिनट तक जोरदार संघर्ष चला, जिसमें लेपर्ड ने महिला के पैर को मुंह में दबाकर घसीटने की कोशिश की, चेहरे-हाथों पर पंजों से कई हमले किए और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी दांत गड़ाए।

समता ने घटना का बयान देते हुए बताया,

"मैं सुबह अपने खेत जा रही थी। रास्ते में झाड़ियों के पास लेपर्ड घात लगाए बैठा था। अचानक उसने हमला कर दिया। पहले तो समझ ही नहीं आया क्या हो रहा है। गुर्राते हुए वो मेरे सिर और हाथों पर पंजे मार रहा था। मेरे पास फसल काटने की दांतली थी, तो मैंने उसी से उस पर वार करना शुरू कर दिया। लेकिन लेपर्ड डरा नहीं, बल्कि उसने मेरा पैर मुंह में दबा लिया और मुझे घसीटने लगा। मैं लगातार चिल्लाती रही। करीब तीन-चार मिनट तक ये संघर्ष चला।"

महिला की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठियां दिखाकर और शोर मचाकर लेपर्ड को डराया, जिसके बाद खूंखार जानवर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत समता को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हमले में उनके चेहरे, हाथों, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर घाव आए हैं, लेकिन उनकी बहादुरी से जान बच गई।

इलाके में लेपर्ड की बढ़ती मूवमेंट, ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से आसपास के खेतों और जंगलों में लेपर्ड की आवाजाही देखी जा रही थी। सुबह-शाम कई लोगों ने उसे खेतों के किनारे घूमते देखा था। लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण यह घटना हुई। ग्रामीण अब वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में लेपर्ड की निगरानी बढ़ाई जाए, कैमरा ट्रैप लगाए जाएं और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.