दिल्ली से सबसे बड़ी खबर: सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को दिया 'गुप्त ऑफर'; जानिए TMC के कांग्रेस में विलय के बदले क्या मिलेगा!
पश्चिम बंगाल में मचे सियासी घमासान के बीच सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी के सामने एक ऐसा दांव चला है जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने वजूद की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है। राज्य में ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायक पहले ही अपना अलग बागी गुट बना चुके हैं, वहीं दिल्ली में भी पार्टी के 20 सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। चौतरफा संकट से घिरीं ममता बनर्जी को इस महा-मुसीबत से निकालने के लिए अब कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक 'ऑफर' दे दिया है।
सूत्रों के हवाले से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी के सामने टीएमसी का कांग्रेस में विलय (Merger) करने का प्रस्ताव रखा है।
क्या है सोनिया गांधी का 'मास्टरस्ट्रोक' ऑफर?
पॉलिटिकल गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी को फोन कर यह बड़ा ऑफर दिया है। इस डील के तहत अगर ममता अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करती हैं, तो:
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ममता बनर्जी को: कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (National Vice President) बनाया जाएगा।
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अभिषेक बनर्जी को: कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव (AICC General Secretary) का बड़ा पद दिया जाएगा।
"नहीं तो BJP 'आम आदमी पार्टी' जैसा हाल कर देगी..."
सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को समझाया है कि इस वक्त टीएमसी पर बीजेपी के चौतरफा राजनीतिक और कानूनी हमले हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के इस चक्रव्यूह से बचने का इकलौता रास्ता यही है कि वे कांग्रेस के साथ आ जाएं, वरना बीजेपी उन्हें भी 'आम आदमी पार्टी' की तरह पूरी तरह परेशान कर देगी। इसके अलावा टीएमसी के अंदरूनी लोग भी अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खड़े हो चुके हैं, जिससे ममता के लिए अकेले संभलना मुश्किल है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने इस महा-ऑफर पर अंतिम फैसला लेने के लिए कांग्रेस से कुछ दिनों का समय मांगा है।
10 जनपथ पर राहुल गांधी और अभिषेक की डेढ़ घंटे चली बैठक
इस बीच दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच 10 जनपथ पर एक बेहद सीक्रेट मीटिंग हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस लंबी मुलाकात को दोनों ही पक्षों के लिए बेहद फायदेमंद बताया जा रहा है। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मौजूदा हालात और पार्टी के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई है।
कांग्रेस ने दिल्ली में बुलाई महा-बैठक!
सोनिया गांधी के इस बड़े ऑफर और परदे के पीछे चल रही इस महा-पॉलिटिकल फिक्सिंग के बीच कांग्रेस आलाकमान ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि 11 जून को इंदिरा भवन में एआईसीसी (AICC) के सभी महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे।
अब पूरी देश की नजरें ममता बनर्जी के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वे अपनी 28 साल पुरानी पार्टी का वजूद खत्म कर कांग्रेस का हाथ थामेंगी, या राजनीति के इस खेल में कोई नया दांव चलेंगी?