10 जून को इतिहास रचेंगे पीएम मोदी! नेहरू का वो कौन सा रिकॉर्ड है जिसे तोड़कर बनेंगे नंबर-1?
10 जून का दिन भारतीय इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं, जो पिछले 6 दशकों से कोई नहीं छू सका। जानिए क्या है यह महा-रिकॉर्ड...
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 10 जून 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं, जिसे आज तक कोई नहीं छू सका। पीएम मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन जाएंगे। इसी के साथ वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का करीब 60 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे।
टूटेगा नेहरू का 72 साल पुराना रिकॉर्ड
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे हो जाएंगे। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू का लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड 4,398 दिनों का था। प्रधानमंत्री संग्रहालय (Pradhanmantri Sangrahalaya) के आधिकारिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह भारतीय राजनीति की एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि है।
पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, और तब से लेकर आज तक उनका यह सफर बिना रुके लगातार जारी है।
चुने हुए शासक के रूप में बनाया 'महा-रिकॉर्ड'
नरेंद्र मोदी ने सिर्फ केंद्र सरकार में ही नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि और सरकार के मुखिया (Head of Government) के रूप में भी एक अनोखा महा-रिकॉर्ड बनाया है। अगर उनके गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर संयुक्त कार्यकाल को जोड़ा जाए, तो वह 8,931 दिनों से अधिक का हो चुका है। इस मामले में वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित शासक हैं।
लगातार 6 चुनाव जीतने का अनोखा कीर्तिमान
नरेंद्र मोदी भारत के इकलौते ऐसे राजनेता हैं, जिनके नेतृत्व में किसी पार्टी ने लगातार 6 बड़े चुनाव जीते हैं। उन्होंने पहले तीन बार गुजरात विधानसभा चुनाव (2002, 2007, 2012) में बीजेपी को भारी बहुमत से जीत दिलाई और उसके बाद लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव (2014, 2019, 2024) जीतकर देश की कमान संभाली।
प्रधानमंत्री संग्रहालय: नेहरू से मोदी तक का सफर
'प्रधानमंत्री संग्रहालय' की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भारत के विकास में हर प्रधानमंत्री का अपना एक ऐतिहासिक योगदान रहा है। आइए एक नजर डालते हैं देश के कुछ प्रमुख प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल पर:भारत के प्रधानमंत्रियों का पूरा इतिहास और कार्यकाल (1947 — 2026)
1. पं. जवाहरलाल नेहरू
कार्यकाल: 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक (लगभग 17 साल)
रिकॉर्ड/योगदान: भारत के पहले प्रधानमंत्री। लगातार 4,398 दिन पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया। उन्हें आधुनिक भारत का प्रणेता माना जाता है जिनके समय देश में औद्योगिक और तकनीकी विकास की शुरुआत हुई।
2. गुलज़ारी लाल नन्दा
कार्यकाल: 27 मई 1964 से 9 जून 1964 और 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966
रिकॉर्ड/योगदान: भारत के इतिहास में दो बार संक्षिप्त अवधियों के लिए कार्यवाहक (Acting) प्रधानमंत्री बने। इन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के गठन में बड़ी भूमिका निभाई और 1997 में इन्हें 'भारत रत्न' मिला।
3. लाल बहादुर शास्त्री
कार्यकाल: 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक
रिकॉर्ड/योगदान: देश के तीसरे प्रधानमंत्री। इन्होंने देश को मशहूर नारा 'जय जवान, जय किसान' दिया। इनके समय देश में श्वेत और हरित क्रांति आंदोलन को बढ़ावा मिला और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत का नेतृत्व किया।
4. इन्दिरा गांधी
कार्यकाल: 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 और 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984
रिकॉर्ड/योगदान: भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री। इन्होंने दो बार देश का नेतृत्व किया। इनके समय 1971 का भारत-पाक युद्ध हुआ, जिसमें भारत जीता और बांग्लादेश का जन्म हुआ। इन्होंने 1975 से 1977 तक देश में आपातकाल (Emergency) भी लगाया था।
5. मोरारजी देसाई
कार्यकाल: 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक (लगभग 2 वर्ष)
रिकॉर्ड/योगदान: केंद्र में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री बने। इनके कार्यकाल के दौरान ही भारत के संविधान में प्रसिद्ध 44वां संविधान संशोधन पास किया गया था।
6. चौधरी चरण सिंह
कार्यकाल: 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक (कुल 170 दिन)
रिकॉर्ड/योगदान: इन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है। इन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों की स्थिति सुधारने में लगा दिया। इनके सम्मान में ही हर साल 23 दिसंबर को देश में 'किसान दिवस' मनाया जाता है।
7. राजीव गांधी
कार्यकाल: 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक
रिकॉर्ड/योगदान: भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। देश में कंप्यूटर, विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और उच्च शिक्षा में बड़े सुधार लाने का पूरा श्रेय राजीव गांधी को ही जाता है।
8. विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह)
कार्यकाल: 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक
रिकॉर्ड/योगदान: इनके छोटे से कार्यकाल में देश की राजनीति को बदलने वाली 'मंडल आयोग' की रिपोर्ट को लागू किया गया था। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम 1989 भी इन्हीं के समय पारित हुआ।
9. चन्द्र शेखर
कार्यकाल: 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक
रिकॉर्ड/योगदान: केंद्र में गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे। इन्होंने मुश्किल समय में भारत को बड़े आर्थिक संकट से बचाया था। अपने उग्र और बेबाक स्वभाव के कारण इन्हें राजनीति में ‘युवा तुर्क’ भी कहा जाता था।
10. पी. वी. नरसिंह राव
कार्यकाल: 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक
रिकॉर्ड/योगदान: इन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण (Liberalization) और वैश्वीकरण (Globalization) का जनक माना जाता है। इन्होंने देश में बड़े आर्थिक सुधार (LPG Policy) लागू कर भारतीय बाजार को दुनिया के लिए खोला।
11. एच. डी. देवेगौड़ा
कार्यकाल: 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक (1 वर्ष से कम)
रिकॉर्ड/योगदान: इन्होंने मुख्य रूप से देश के किसानों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके कारण इन्हें ‘मिट्टी के लाल’ की संज्ञा दी गई। भारत की पहली दिल्ली मेट्रो परियोजना की शुरुआत करने का श्रेय भी इन्हें ही जाता है।
12. इन्द्र कुमार गुजराल (आई.के. गुजराल)
कार्यकाल: 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998 तक
रिकॉर्ड/योगदान: प्रधानमंत्री बनने से पहले ये कई मंत्रालयों में रहे। इन्हें विशेष रूप से विदेश नीति में इनके द्वारा दिए गए 'गुजराल सिद्धांत' (Gujral Doctrine) के लिए याद किया जाता है, जो आज भी भारत की विदेश नीति का मील का पत्थर है।
13. अटल बिहारी वाजपेयी
कार्यकाल: 1996 (13 दिन), फिर 1998-1999 और 1999-2004 तक
रिकॉर्ड/योगदान: इन्होंने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को पूरी दुनिया के सामने परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया। इनके कार्यकाल में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन विजय' (कारगिल युद्ध) लड़ा और जीता गया।
14. डॉ. मनमोहन सिंह
कार्यकाल: 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक (पूरे 10 साल)
रिकॉर्ड/योगदान: देश के जाने-माने अर्थशास्त्री। इनके कार्यकाल के दौरान सूचना का अधिकार (RTI Act) और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा/मनरेगा) जैसे ऐतिहासिक कानून पारित किए गए। इन्होंने अमेरिका के साथ परमाणु नागरिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
15. नरेंद्र मोदी
कार्यकाल: 26 मई 2014 से लेकर वर्तमान तक
रिकॉर्ड/योगदान: 10 जून को यह लगातार 4,399 दिन पूरे कर पंडित जवाहरलाल नेहरू का करीब 60 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे और देश के सबसे लंबे समय तक 'लगातार' सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे। इनके नाम लगातार 3 बार गुजरात के सीएम और 3 बार देश के पीएम के रूप में कुल 8,931 दिनों से अधिक समय तक लोकतांत्रिक शासक रहने का महा-रिकॉर्ड भी दर्ज है।