₹500 के लिए दांव पर लगा दीं 8 जिंदगियां! जयपुर अग्निकांड का वो खौफनाक मंजर... और फोन कॉल के बाद गायब हुआ मास्टरमाइंड

जयपुर के खोह नागोरियान में हुए भीषण अग्निकांड ने सबको हिला कर रख दिया है। थाने से महज 1 किमी दूर 52 गज के मकान में चल रहा था बारूद का खेल।

Jun 10, 2026 - 11:19
₹500 के लिए दांव पर लगा दीं 8 जिंदगियां! जयपुर अग्निकांड का वो खौफनाक मंजर... और फोन कॉल के बाद गायब हुआ मास्टरमाइंड

राजस्थान की राजधानी जयपुर का खोह नागोरियान इलाका 9 जून की सुबह एक ऐसे खौफनाक मंजर का गवाह बना, जिसे सोचकर ही रूह कांप जाए। करीम नगर-बी के एक छोटे से 52 गज के रिहायशी मकान में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक इतना जोरदार धमाका हुआ कि आसपास के लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। इस भीषण आग और ब्लास्ट में एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

चश्मदीदों के मुताबिक, मंजर इतना खौफनाक था कि धमाके के बाद बारूद के गुबार के बीच से लोग अपनी जलती हुई चमड़ी और कपड़ों के साथ चीखते हुए बाहर भागे। अंदर दोबारा ब्लास्ट होने का डर था, लेकिन पड़ोसियों ने अपनी जान दांव पर लगाकर झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

थाने से महज 1 किमी दूर 'मौत का खेल', पुलिस बोली- हमें पता ही नहीं!

इस पूरे हादसे ने सरकारी महकमों और स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। जिस मकान (नंबर-88) में यह अवैध फैक्ट्री पिछले 2 साल से बिना किसी लाइसेंस या फायर डिपार्टमेंट की NOC के धड़ल्ले से चल रही थी, वहां से खोह नागोरियान पुलिस थाना मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है।

स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि बीट अधिकारियों और पुलिस को इस काले कारोबार की पूरी जानकारी थी, लेकिन साठगांठ और शह के चलते कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब हादसा होने के बाद पुलिस अपना पल्ला झाड़ते हुए अजीब तर्क दे रही है कि उन्हें रिहायशी इलाके में फैक्ट्री चलने की खबर ही नहीं थी।

SMS अस्पताल के बर्न वार्ड से खुला 'दिल्ली कनेक्शन'

इस अवैध कारोबार के तार देश की राजधानी दिल्ली से जुड़े हैं, जिसका खुलासा हादसे में जान गंवाने वाले बिलाल के भाई राशिद खान ने किया। राशिद ने बताया कि जब वह एसएमएस (SMS) हॉस्पिटल के बर्न वार्ड में अपने भाई के पास था, तो बगल वाले बेड पर भर्ती एक गंभीर झुलसे युवक ने अपना नाम नासिर (निवासी दिल्ली) बताया।

नासिर ने अपने पिता का मोबाइल नंबर देकर राशिद से कॉल करने को कहा। लेकिन जैसे ही राशिद ने उस नंबर पर हादसे की सूचना दी, उसके तुरंत बाद से वह मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि नासिर का पिता ही इस अवैध फैक्ट्री का मुख्य मास्टरमाइंड और संचालक है।

शादियों के भारी पटाखों की होती थी पैकिंग, मकान मालिक और संचालक फरार

यह मकान याकूब पुत्र नजीर खान का है, जिसने इसे दिल्ली के रहने वाले फिरोज नाम के शख्स को किराए पर दे रखा था। फिरोज इस तंग मकान में शादियों और बड़े इवेंट्स में इस्तेमाल होने वाले भारी पटाखों की पैकिंग करवाता था और गरीब मजदूरों को महज ₹500 देकर मौत के कुएं में धकेल रहा था।

हादसे के बाद से ही मकान मालिक याकूब और मुख्य संचालक फिरोज मौके से फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन स्थानीय जनता में पुलिस की इस नाकामी को लेकर भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इलाके में ऐसी 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही हैं, जिन पर अगर वक्त रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे कई और घर तबाह हो जाएंगे।

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