मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर चुनाव आयोग से मिली कांग्रेस, मीटिंग के बाद सिंघवी बोले- 'मजे की बात तो ये है...'
मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद दिल्ली में बड़ा सियासी ड्रामा हुआ है। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के सामने खोल दी रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले की पोल। जानिए पूर्व सीएम कमलनाथ ने बीजेपी की किस 'साजिश' का पर्दाफाश किया...
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव का विवाद अब देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय तक पहुंच गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (नॉमिनेशन) खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस आलाकमान पूरी तरह आक्रामक मूड में है। पार्टी के एक हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन ने दिल्ली में चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और इस फैसले को पूरी तरह गैर-कानूनी और गलत बताया है।
मुलाकात के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया को बताया, "चुनाव आयोग ने हमारी पूरी बात सुनी है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेंगे।"
दिग्गज वकील सिंघवी ने खोल दी फैसले की पोल
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद देश के जाने-माने वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के फैसले पर गंभीर कानूनी सवाल खड़े किए।
सिंघवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
"हमने चुनाव आयोग के सामने साफ कर दिया है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का फैसला पूरी तरह से गलत और पक्षपाती है। रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस आधार पर पर्चा निरस्त किया, वैसा कोई क्रिमिनल केस है ही नहीं! कोर्ट की ओर से केवल एक साधारण नोटिस आया था कि 'आप बताएं कि हम संज्ञान लें या नहीं'। मजे की बात तो यह है कि खुद चुनाव आयोग के कानून के मुताबिक, उम्मीदवार को केवल उस मामले का खुलासा करना होता है जिसमें कोर्ट द्वारा चार्जेज (आरोप) फ्रेम हो चुके हों।"
कमलनाथ का सीधा हमला: "प्रशासनिक हथकंडों से सीट चुरा रही BJP"
इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ का भी बड़ा बयान सामने आया है। कमलनाथ ने सत्तारूढ़ भाजपा पर 'अलोकतांत्रिक तरीकों' से कांग्रेस की राज्यसभा सीट हथियाने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी जमीन पर चुनाव जीतने के बजाय प्रशासनिक और प्रक्रियागत हथकंडों के जरिए कांग्रेस के अभियान को पटरी से उतारने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
आखिर किस मामले पर मचा है यह पूरा बवाल?
दरअसल, भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के फॉर्म पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले को छिपाया है।
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क्या है आरोप?: एक पूर्व कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव ए. श्रीलता ने हैदराबाद की कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर श्रीलता ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मीनाक्षी नटराजन का रुख: अपने बचाव में मीनाक्षी नटराजन ने इसे भाजपा की एक बड़ी 'राजनीतिक साजिश' बताया है। उन्होंने हैदराबाद कोर्ट में श्रीलता की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चुनाव के वक्त केवल उनकी साफ-सुथरी छवि को खराब करने के लिए यह झूठा जाल बुना गया है।
दिल्ली में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। देखना होगा कि क्या आयोग इस फैसले को पलटता है या कांग्रेस को इस लड़ाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना होगा।