Rajya Sabha Chunav: वोटिंग से पहले ही राज्यसभा में खत्म हुआ सस्पेंस! संसद में नहीं बदलेगा राजस्थान का समीकरण; जानिए कौन जा रहा दिल्ली

राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए होने वाला चुनावी दंगल मतदान से पहले ही खत्म हो गया है। जानिए कैसे बिना एक भी वोट पड़े सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और नीरज डांगी का संसद जाना तय हो गया और अब 11 जून को क्या होने वाला है...

Jun 10, 2026 - 13:35
Rajya Sabha Chunav: वोटिंग से पहले ही राज्यसभा में खत्म हुआ सस्पेंस! संसद में नहीं बदलेगा राजस्थान का समीकरण; जानिए कौन जा रहा दिल्ली

राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव ने एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस चुनाव के लिए आगामी 18 जून को वोटिंग होनी थी, उसका फैसला मतदान से पहले ही तय हो गया है। नामांकन प्रक्रिया खत्म होने और मंगलवार को विधानसभा में हुई स्क्रूटनी (जांच) के बाद यह साफ हो गया कि राजस्थान से इस बार कोई चुनावी 'दंगल' नहीं होगा, बल्कि तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे।

दरअसल, राजस्थान से खाली हुई तीन सीटों के लिए केवल तीन ही नामांकन आए थे, जो जांच में पूरी तरह सही पाए गए हैं। अब 11 जून को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होते ही तीनों नेताओं को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित कर दिया जाएगा।

बीजेपी ने खेला सोशल इंजीनियरिंग का दांव, कांग्रेस ने किया रिपीट

राजस्थान के मौजूदा संख्या बल के हिसाब से दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जानी पहले से तय थी। दोनों ही पार्टियों ने अपने पत्ते बहुत सोच-समझकर खेले हैं:

  • सतीश पूनिया और अलका गुर्जर की एंट्री: बीजेपी ने इस मौके का इस्तेमाल अपने संगठन के कद्दावर चेहरों को इनाम देने के लिए किया। पार्टी ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और मजबूत महिला नेता अलका सिंह गुर्जर को मैदान में उतारा है। पूनिया के सियासी अनुभव और अलका गुर्जर के रूप में बड़े सामाजिक समीकरण को साधकर बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं।

  • कांग्रेस का 'नीरज' कार्ड: दूसरी तरफ, कांग्रेस ने किसी नए चेहरे पर दांव खेलकर जोखिम लेने के बजाय अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर ही दोबारा भरोसा जताया और उन्हें मैदान में रिपीट किया।

आपको बता दें कि यह चुनाव केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र सिंह गहलोत और खुद कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण हो रहे हैं।

दिल्ली में नहीं बदलेगा गणित, 5-5 पर 'टाई' रहेगा मुकाबला

इस दिलचस्प चुनाव के नतीजे भले ही पहले आ गए हों, लेकिन दिल्ली के उच्च सदन (राज्यसभा) में राजस्थान का गणित जस का तस रहने वाला है। राजस्थान की कुल 10 राज्यसभा सीटों में से बीजेपी और कांग्रेस के पास 5-5 सीटें बनी रहेंगी।

  • अब राज्यसभा में बीजेपी की आवाज: सतीश पूनिया, अलका गुर्जर, घनश्याम तिवाड़ी, चुन्नीलाल गरासिया और मदन राठौड़।

  • राज्यसभा में कांग्रेस की आवाज: सोनिया गांधी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद कुमार और दोबारा चुने गए नीरज डांगी।

इस निर्विरोध चुनाव के बाद अब राजस्थान में राज्यसभा की सीटों के लिए अगला मुकाबला साल 2028 के मध्य में होगा, जब तीन और सीटें खाली होंगी। तब तक के लिए राजस्थान का यह सियासी मुकाबला बराबरी पर छूटा है।

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