‘संभल नहीं तो पूरे हिंदुस्तान में रोड पर नमाज पढ़ेंगे’: हैदराबाद के मुस्लिम स्कॉलर सैयद अयूब का योगी आदित्यनाथ को खुला चैलेंज, ‘हिम्मत है तो रोककर दिखाओ’ – वीडियो वायरल, विवाद तेज
हैदराबाद के स्कॉलर सैयद अयूब ने वीडियो में योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी कि अगर संभल नहीं तो पूरे हिंदुस्तान में सड़क पर नमाज पढ़ी जाएगी, हिम्मत है तो रोककर दिखाओ। उन्होंने योगी पर अमानवीय टिप्पणी भी की। वीडियो वायरल, भाजपा ने हेट स्पीच बताया, मुस्लिम संगठनों में चर्चा तेज।
हैदराबाद/लखनऊ, 17 मार्च 2026: हैदराबाद के प्रसिद्ध मुस्लिम स्कॉलर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सैयद अयूब ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार को सीधा चुनौती देते हुए एक वीडियो जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सैयद अयूब कहते हैं, “संभल नहीं तो पूरे हिंदुस्तान में रोड पर नमाज पढ़ी जाएगी। ईदगाह फुल हो गए तो रोड पर मुसलमान आकर नमाज पढ़ेंगे। किसी की हिम्मत है तो मुसलमानों को रोक कर दिखाओ।” उन्होंने आगे कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने वालों को जेल में डालने की धमकी देने वाले योगी सरकार को मुसलमान डरने वाले नहीं हैं। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अमानवीय और अपमानजनक टिप्पणी भी की तथा आरोप लगाया कि यूपी सरकार मुसलमानों के खिलाफ अनावश्यक पाबंदियां लगा रही है।
यह वीडियो 15 मार्च 2026 को सैयद अयूब के इंस्टाग्राम अकाउंट (@syed_ayub_hyc) पर पोस्ट किया गया, जिसमें उनके 20 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। ABP न्यूज ने इसे तुरंत कवर किया और पोस्ट में लिखा कि सैयद अयूब ने योगी पर “अभद्र टिप्पणी” करते हुए सीधी चुनौती दी है। वीडियो में सैयद अयूब काले टोपी पहने माइक थामे बोल रहे हैं, जबकि एक छोटे सर्कल में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी दिख रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाती तो पूरे देश में मुसलमान सड़कों पर नमाज अदा करेंगे। “मुसलमान इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं,” उनका यह बयान विवाद का केंद्र बन गया है।
यह बयान उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज (रोड नमाज) को लेकर चल रहे लंबे विवाद की पृष्ठभूमि में आया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 से ही सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर सख्ती बरती है। घाटमपुर, संभल, गाजियाबाद और मेरठ जैसे इलाकों में कई बार पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने वाले मुस्लिमों पर कार्रवाई की है। सरकार का तर्क है कि सड़क पर नमाज ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक असुविधा पैदा करती है। 2025-26 में भी कई जिलों में ईद और अन्य मौकों पर रोड नमाज पर पाबंदी लगाई गई थी। हाल ही में संभल में एक विवाद के बाद योगी सरकार ने सख्त निर्देश दिए थे कि सड़कों पर नमाज नहीं होगी। सैयद अयूब ने इसी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि “संभल नहीं” तो पूरे हिंदुस्तान में ऐसा होगा।
सैयद अयूब ने वीडियो में योगी सरकार पर “मुसलमानों से दिक्कत” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी अमानवीय शब्दों का इस्तेमाल कर मुसलमानों को धमका रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद पूरे देश में हिंदू-मुस्लिम तनाव को लेकर चर्चा है। #AyodhyaRamMandir जैसे हैशटैग के साथ ABP ने पोस्ट किया, जिससे विवाद और भड़क गया।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। भाजपा समर्थकों ने इसे “देशद्रोही” और “हेट स्पीच” करार दिया। यूपी भाजपा के कई नेता ने कहा कि सैयद अयूब कानून का उल्लंघन कर रहे हैं और उनके खिलाफ UAPA या अन्य धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। एक भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यह देश की एकता के खिलाफ है। योगी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, किसी को सड़क पर अराजकता फैलाने नहीं दिया जाएगा।” वहीं कुछ मुस्लिम संगठनों ने सैयद अयूब का समर्थन किया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक सदस्य ने कहा कि सरकार को मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
हैदराबाद पुलिस और तेलंगाना सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है। सैयद अयूब पहले भी विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके 20 लाख फॉलोअर्स वाले अकाउंट पर यह वीडियो अब लाखों व्यूज पार कर चुका है। एंटी-टेरर एजेंसियां और साइबर सेल इस वीडियो की जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा सकते हैं, खासकर ईद के मौके पर जब पूरे देश में नमाज की तैयारी है।
यह घटना योगी सरकार की “सड़क पर नमाज मुक्त” नीति और मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्वतंत्रता के दावे के बीच टकराव को फिर उजागर करती है। सैयद अयूब का चैलेंज सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं, बल्कि “पूरे हिंदुस्तान” तक फैलाने की बात कहकर राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बना दिया है। अब देखना होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस या केंद्र सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल वीडियो वायरल होना जारी है और सोशल मीडिया पर #RoadNamazChallenge, #SyedAyub, #YogiChallenge जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
यह विवाद एक बार फिर साबित करता है कि धार्मिक मुद्दे कितनी आसानी से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। सैयद अयूब का बयान चाहे कितना भी विवादास्पद हो, लेकिन यह पूरे देश में सड़क पर नमाज के मुद्दे को फिर से गरमा गया है। योगी सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामले की निगरानी की जा रही है।