जैसलमेर हत्याकांड में सियासी संग्राम: ‘हत्या या साजिश?’ सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के आरोपों से मचा बवाल, SIT की मांग तेज
जैसलमेर के झिझनियाली थाना क्षेत्र में हत्थूदेवी हत्याकांड को लेकर सांसद Ummeda Ram Beniwal ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए SIT जांच की मांग की है।
राजस्थान के जैसलमेर जिले के झिझनियाली थाना क्षेत्र में 21 अप्रैल 2026 को हुई हत्थूदेवी की हत्या का मामला अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सियासी विवाद का बड़ा मुद्दा बन गया है। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस कार्रवाई, जांच प्रक्रिया और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सांसद Ummeda Ram Beniwal ने इस मामले में खुलकर मोर्चा संभालते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और असली आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी कर मामले को कमजोर किया जा रहा है, जबकि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
गोली मारकर की गई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, कानोड़ (गिड़ा, बालोतरा) निवासी किसान अमराराम की पत्नी हत्थूदेवी अपने कृषि कुएं पर स्थित घर में अकेली सो रही थीं। इसी दौरान खिड़की से गोली मारकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर सांसद ने इसे “प्री-प्लान्ड मर्डर” बताया है।
साजिश और जमीन विवाद का आरोप
सांसद बेनीवाल ने आशंका जताई है कि पीड़ित परिवार को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और इस हत्या के पीछे जमीन-जायदाद पर कब्जे की साजिश हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से पहले और बाद में आरोपियों की कई लोगों से बातचीत के सबूत मिले हैं, जो जांच की दिशा को गंभीर बनाते हैं।
इसके साथ ही अवैध हथियारों और सबूत मिटाने की कोशिशों की भी जांच की मांग की गई है।
राजनीतिक हमला भी तेज
इस मामले को लेकर सांसद ने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता छोटी घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और “बुलडोजर राजनीति” की बात करते हैं, वे इस गंभीर हत्याकांड पर चुप क्यों हैं?
उनका कहना है कि यह चुप्पी कहीं न कहीं अपराधियों को मौन समर्थन देने जैसी स्थिति पैदा करती है।
SIT जांच की मांग
सांसद Ummeda Ram Beniwal ने मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma और राजस्थान पुलिस महानिदेशक से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय SIT जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि पर्दे के पीछे छिपे “सफेदपोश” साजिशकर्ताओं और असली अपराधियों का खुलासा हो सके, और पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिल सके।