“रेगिस्तान से उठी ‘अदृश्य ताकत’ पर PM मोदी का बड़ा बयान… क्या बदलने वाला है भविष्य?”
PM मोदी के हालिया संबोधन में एक ऐसे राज्य और “अदृश्य शक्ति” का जिक्र हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। इस बयान के बाद सियासी और विकास की चर्चाएं तेज हो गई हैं। आखिर क्या है ये नई ताकत और क्यों इसे भविष्य का गेमचेंजर बताया जा रहा है? जानिए पूरी खबर…
प्रधानमंत्री Narendra Modi के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें एपिसोड में इस बार राजस्थान खास चर्चा में रहा। रविवार, 26 अप्रैल को प्रसारित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राजस्थान की धरती से निकल रही “अदृश्य शक्ति”—यानी पवन ऊर्जा—की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व कर रहा है।
‘अदृश्य शक्ति’ का जिक्र और भारत की उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत एक प्राचीन श्लोक से करते हुए वायु की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
- भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है
- देश अब दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है
इस उपलब्धि में राजस्थान की भूमिका बेहद अहम बताई गई।
रेगिस्तान से ऊर्जा हब तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से Rajasthan का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पहले सिर्फ रेत और वीरानी नजर आती थी, आज वहां बड़े-बड़े Renewable Energy Parks खड़े हो रहे हैं। उन्होंने गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के साथ राजस्थान को इस क्षेत्र का अग्रणी राज्य बताया।
युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पवन और सौर ऊर्जा के बढ़ते दायरे से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
- नई तकनीकी स्किल्स विकसित हो रही हैं
- ऊर्जा क्षेत्र में करियर के नए विकल्प खुल रहे हैं
उन्होंने इसे भारत के भविष्य की सुरक्षा से भी जोड़ा।
सीएम भजनलाल शर्मा की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने खुशी जाहिर करते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। सीएम ने यह भी दोहराया कि सरकार ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
‘मन की बात’ में राजस्थान का जिक्र होना सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि राज्य के तेजी से बदलते स्वरूप का संकेत है। रेगिस्तान से ऊर्जा हब बनने तक का यह सफर न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बनता जा रहा है।