82 हजार लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार: 6 लाख में स्कॉर्पियो देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने निवेश के नाम पर 82 हजार लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य सुरेश सैनी को जोधपुर से गिरफ्तार किया। गिरोह ने सोशल मीडिया पर 6 लाख में स्कॉर्पियो और 12 लाख में फॉर्च्यूनर देने का झूठा लालच देकर फर्जी क्रिप्टो करेंसी 'एसवीटी कॉइन' और हार्वेस्ट एआई कंपनी के जरिए लोगों को ठगा। मुख्य आरोपी प्रिंस सैनी पहले ही जेल में है, कुल ठगी राशि करोड़ों में बताई जा रही है।

Mar 12, 2026 - 15:10
82 हजार लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार: 6 लाख में स्कॉर्पियो देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी

जयपुर/जोधपुर: राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले एक गिरोह के एक महत्वपूर्ण सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से आकर्षक निवेश योजनाओं और क्रिप्टो करेंसी के झूठे वादों से लोगों को लुभाता था। गिरोह ने कुल 82,000 लोगों को ठगा है, जिसमें मोटे रिटर्न के साथ-साथ मात्र 6 लाख रुपये में महिंद्रा स्कॉर्पियो और 12 लाख रुपये में फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी SUV देने का प्रलोभन दिया गया था।

एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुरेश सैनी (34 वर्ष), निवासी भोपालगढ़, जोधपुर है। सुरेश का भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का वर्कशॉप चलता है, जिसके कारण ग्रामीण इलाकों में उसकी मजबूत पकड़ थी। वह पिछले तीन महीनों से फरार चल रहा था। SOG की टीम ने बुधवार रात जोधपुर में छापेमारी कर उसे दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।

गिरोह के मुख्य सदस्य पहले ही जेल में

मामले में मुख्य आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, उसकी मंगेतर ममता भाटी (जिन्हें कंपनी में सह-निदेशक बनाया गया था) और दिनेश बागड़ी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रिंस सैनी गिरोह का मास्टरमाइंड था, जिसने सॉफ्टवेयर डेवलपर रजनीश कुमार के साथ मिलकर ठगी के लिए एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी।

ठगी का तरीका और स्कीम

गिरोह ने 250 रुपये में आईडी बनाकर करीब 82,000 लोगों को जोड़ा और उनसे लगभग 2 करोड़ रुपये वसूले।प्रिंस सैनी ने हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई और खुद को डायरेक्टर नियुक्त किया।सोशल मीडिया पर 'एसवीटी कॉइन' नाम से डिजिटल करेंसी लॉन्च करने और उसे क्रिप्टो एक्सचेंज पर लिस्ट कराने का झूठा प्रचार किया।निवेशकों को भारी मुनाफे के साथ आकर्षक ऑफर दिए गए, जैसे 5.90 लाख में स्कॉर्पियो और 12 लाख में फॉर्च्यूनर।

लोगों को डिजिटल करेंसी में निवेश के लिए प्रेरित किया गया। प्रति आईडी 2360 रुपये के हिसाब से 336 ट्रांजेक्शन के जरिए रेजरपे पर 2.21 करोड़, डीसीबी बैंक में 51.34 लाख और बैंक ऑफ इंडिया में 20.21 लाख (कुल 4 करोड़ 92 लाख 44 हजार रुपये) प्राप्त किए गए।इसके अलावा 40 लोगों से लिखित इकरारनामा लेकर कंपनी में निवेश करवाया गया।अक्टूबर 2025 में भोपालगढ़ में 'डबल सेंचुरी रिवार्ड सेरेमनी' नामक कार्यक्रम आयोजित कर 250 स्कॉर्पियो बांटने की घोषणा की गई, जिसमें 251 व्यक्तियों से करीब 15 करोड़ रुपये ठगे गए।

सुरेश सैनी की भूमिका

सुरेश सैनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। उसने 6 लाख रुपये में स्कॉर्पियो दिलाने का लालच देकर 56 लोगों से करीब 3.5 करोड़ रुपये इकट्ठे किए। कंपनी में 1173 आईडी लगाकर 28 लाख रुपये सोशल मीडिया ऐप और क्रिप्टो निवेश के नाम पर जमा करवाए। ठगी के बदले कमीशन में उसने मुख्य आरोपी से अपने भाई के नाम पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी प्राप्त की थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

ठगे गए पैसे का इस्तेमाल

आरोपियों ने ठगी से प्राप्त धन का इस्तेमाल लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी गाड़ियां खरीदने, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं को डोनेशन देने और अन्य खर्चों में किया। यह गिरोह मुख्य रूप से जोधपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को निशाना बनाता था, जहां लोग निवेश के नाम पर आसान कमाई के लालच में फंस गए।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.