झुंझुनूं में सड़क हादसे के बाद हिंसक बवाल: पुलिस पर पथराव, 2 थानाधिकारी सहित 4 पुलिसकर्मी घायल
झुंझुनूं जिले के खेतड़ी ब्लॉक के मेहाड़ा गांव में शनिवार देर रात तेज रफ्तार डंपर ने 70 वर्षीय बुजुर्ग धूडाराम को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। डंपर चालक फरार हो गया। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें मेहाड़ा थानाधिकारी राममनोहर ठोलिया, खेतड़ी सीआई मोहन पोसवाल सहित 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की और जांच शुरू कर दी है।
झुंझुनूं (राजस्थान), 8 मार्च 2026 — राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी ब्लॉक के मेहाड़ा गांव में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई। एक तेज रफ्तार डंपर ने 70 वर्षीय बुजुर्ग धूडाराम को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। डंपर चालक वाहन सहित फरार हो गया।
हादसे की सूचना फैलते ही आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में जमा हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। वे ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस को समझाने-बुझाने की कोशिश में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान मेहाड़ा थाने के सीआई सहित दो थानाधिकारी और कुल 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।घटना का क्रम हादसा शनिवार देर रात मेहाड़ा गांव के आसपास हुआ।
बुजुर्ग पैदल जा रहे थे, जब डंपर ने उन्हें चपेट में ले लिया। मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। पुलिस टीम शांति बनाए रखने पहुंची, लेकिन गुस्साए लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव से पुलिसकर्मियों के सिर, हाथ और शरीर पर चोटें आईं। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, लेकिन कोई बड़ा लाठीचार्ज या आंसू गैस की रिपोर्ट नहीं है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
झुंझुनूं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डंपर चालक की तलाश जारी है और हादसे में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और ऐसे हादसों को रोकने के लिए ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बढ़ाने का आश्वासन दिया है।यह घटना राजस्थान में सड़क सुरक्षा और आवारा/तेज वाहनों की समस्या को एक बार फिर उजागर करती है, जहां हादसों के बाद अक्सर पुलिस पर हमले हो जाते हैं।